Friday, 11 September 202620:03 IST

मच्छर किसे ज्यादा काटते हैं? केवल ब्लड ग्रुप ही नहीं, ये चीजें भी करती हैं आकर्षित

Updated: 24 Aug 2026, 14:29 IST · By Yk Pasha · 1 min read
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गर्मियों और बरसात के मौसम में मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है और कई लोगों को शिकायत रहती है कि मच्छर उन्हें दूसरों की तुलना में ज्यादा काटते हैं। आमतौर पर इसके पीछे ब्लड ग्रुप को जिम्मेदार माना जाता है, लेकिन वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि मच्छर अपने शिकार का चुनाव केवल ब्लड ग्रुप देखकर नहीं करते।

मच्छर इंसान के शरीर से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड, शरीर की गर्मी, पसीने और त्वचा की गंध जैसे कई संकेतों को पहचान सकते हैं। यही संकेत उन्हें संभावित मेजबान तक पहुंचने में मदद करते हैं।

क्या मच्छर ब्लड ग्रुप पहचानकर काटते हैं?

ब्लड ग्रुप का मच्छरों के आकर्षण पर कुछ प्रभाव हो सकता है, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि मच्छर केवल ब्लड ग्रुप के आधार पर किसी व्यक्ति को चुनते हैं।

कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि कुछ मच्छर प्रजातियां O ब्लड ग्रुप वाले लोगों की ओर अपेक्षाकृत अधिक आकर्षित हो सकती हैं, जबकि A ब्लड ग्रुप के प्रति आकर्षण कुछ परिस्थितियों में कम देखा गया है। हालांकि, यह प्रभाव मच्छर की प्रजाति और अन्य पर्यावरणीय परिस्थितियों पर निर्भर कर सकता है।

इसलिए अगर किसी व्यक्ति को बहुत ज्यादा मच्छर काटते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि केवल उसका ब्लड ग्रुप ही इसका कारण है।

मच्छर इंसान को खोजते कैसे हैं?

मादा मच्छर इंसान को खोजने के लिए कई तरह के संकेतों का इस्तेमाल करती है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं:

1. कार्बन डाइऑक्साइड
जब हम सांस लेते हैं तो शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) बाहर निकलती है। मच्छर इस गैस को पहचान सकते हैं और इससे उन्हें पता चलता है कि आसपास कोई जीवित प्राणी मौजूद है।

इसी कारण मनुष्य के आसपास उड़ते समय मच्छर हमारी सांस से निकलने वाली CO₂ को एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

2. शरीर की गर्मी
मच्छर तापमान में होने वाले अंतर को भी महसूस कर सकते हैं। मानव शरीर अपेक्षाकृत गर्म होता है, इसलिए शरीर की गर्मी मच्छर को संभावित मेजबान तक पहुंचने में मदद कर सकती है।

यानी मच्छर के लिए इंसान सिर्फ एक गंध नहीं, बल्कि गर्मी और रासायनिक संकेतों का स्रोत भी है।

3. पसीना और शरीर की गंध
हर व्यक्ति के शरीर की गंध एक जैसी नहीं होती। पसीने और त्वचा पर मौजूद विभिन्न रसायनों के कारण लोगों की शरीर की गंध अलग-अलग हो सकती है।

त्वचा पर रहने वाले सूक्ष्मजीव भी इन रसायनों को प्रभावित करते हैं। इससे कुछ लोगों की त्वचा की गंध मच्छरों के लिए दूसरे लोगों की तुलना में ज्यादा आकर्षक हो सकती है।

इसी वजह से एक कमरे में बैठे दो लोगों में से एक को ज्यादा मच्छर काट सकते हैं और दूसरे को कम।

ज्यादा पसीना आने पर मच्छर क्यों आकर्षित हो सकते हैं?
व्यायाम करने या गर्मी में रहने के बाद शरीर से पसीना निकलता है और त्वचा की रासायनिक गंध में बदलाव आता है। इसके अलावा शरीर का तापमान भी बढ़ सकता है।

इन दोनों कारणों से कुछ परिस्थितियों में मच्छर ऐसे व्यक्ति को आसानी से खोज सकते हैं।

हालांकि, यह कहना सही नहीं है कि हर व्यक्ति को पसीना आने पर मच्छर निश्चित रूप से ज्यादा काटेंगे। मच्छर का व्यवहार उसकी प्रजाति, वातावरण और व्यक्ति की व्यक्तिगत गंध सहित कई कारकों पर निर्भर करता है।

क्या गर्भवती महिलाओं को मच्छर ज्यादा काटते हैं?
कुछ शोधों में गर्भावस्था के दौरान मच्छरों के आकर्षण में वृद्धि देखी गई है। इसका एक संभावित कारण यह है कि गर्भावस्था में शरीर से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड और शरीर का तापमान बदल सकता है।

इसलिए गर्भवती महिलाओं को कुछ परिस्थितियों में मच्छर अधिक आकर्षित कर सकते हैं। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि हर गर्भवती महिला को हर परिस्थिति में अधिक मच्छर काटेंगे।

क्या गहरे रंग के कपड़ों से मच्छर ज्यादा आकर्षित होते हैं?
मच्छरों की कुछ प्रजातियां दृश्य संकेतों का भी इस्तेमाल करती हैं। शोध में यह पाया गया है कि कुछ मच्छर गहरे रंगों या कुछ विशेष रंगों की ओर अधिक प्रतिक्रिया कर सकते हैं, खासकर तब जब उन्हें पहले कार्बन डाइऑक्साइड का संकेत मिल चुका हो।

इसलिए मच्छरों वाले क्षेत्र में हल्के रंग के, शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना एक उपयोगी सावधानी हो सकती है।

केवल मादा मच्छर ही इंसानों का खून क्यों पीती हैं?
यह बात भी काफी महत्वपूर्ण है कि सभी मच्छर इंसान का खून नहीं पीते।

मुख्य रूप से मादा मच्छर रक्त का सेवन करती हैं, क्योंकि रक्त में मौजूद प्रोटीन उनके अंडों के विकास के लिए आवश्यक होता है। नर मच्छर आमतौर पर रक्त नहीं पीते और पौधों के रस तथा अन्य मीठे स्रोतों से पोषण लेते हैं।

यानी जब कोई मच्छर इंसान को काटता है तो वह आमतौर पर मादा मच्छर होती है।

मच्छर काटने पर खुजली क्यों होती है?
जब मादा मच्छर त्वचा में अपनी सूंड डालती है तो वह लार छोड़ती है। इस लार में ऐसे पदार्थ होते हैं जो रक्त को आसानी से चूसने में मदद करते हैं।

हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली इस लार में मौजूद पदार्थों पर प्रतिक्रिया करती है। इसी कारण मच्छर के काटने वाली जगह पर:

– लाल निशान
– सूजन
– खुजली
– जलन

जैसी समस्या हो सकती है।

कुछ लोगों में यह प्रतिक्रिया बहुत हल्की होती है, जबकि कुछ लोगों में काफी ज्यादा सूजन या खुजली हो सकती है।

क्या मच्छर का काटना सिर्फ खुजली तक सीमित है?
नहीं। मच्छर कई संक्रामक बीमारियों को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अलग-अलग मच्छर प्रजातियां अलग-अलग रोगजनकों को फैला सकती हैं।

भारत में मच्छरों से संबंधित महत्वपूर्ण बीमारियों में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियां शामिल हैं।

इसलिए मच्छर से बचाव केवल खुजली से बचने के लिए नहीं, बल्कि संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए भी जरूरी है।

मच्छरों से बचने के आसान तरीके

मच्छरों के काटने से बचने के लिए कुछ सामान्य सावधानियां अपनाई जा सकती हैं:

1. घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
कूलर, गमले, बाल्टी, टायर और अन्य बर्तनों में जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का स्थान बन सकता है।

2. शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
खासकर मच्छरों की अधिकता वाले स्थानों पर पूरी आस्तीन के कपड़े और लंबी पैंट उपयोगी हो सकती है।

3. मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
सोते समय मच्छरदानी विशेष रूप से उपयोगी सुरक्षा उपाय है।

4. खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाएं।
इससे मच्छरों के घर के अंदर आने की संभावना कम की जा सकती है।

5. उपयुक्त मच्छर रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल किए जाने वाले मच्छर रिपेलेंट भी काटने से बचाव में मदद कर सकते हैं।

मच्छर किसी इंसान को सिर्फ उसके ब्लड ग्रुप के आधार पर नहीं चुनते। वे कई संकेतों को एक साथ पहचानकर संभावित मेजबान तक पहुंचते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड, शरीर की गर्मी, त्वचा की गंध, पसीने से जुड़े रसायन और कुछ दृश्य संकेत मच्छरों के व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं।

ब्लड ग्रुप का कुछ प्रभाव हो सकता है, लेकिन यह मच्छर के आकर्षण का अकेला या निर्णायक कारण नहीं है। इसलिए अगर किसी व्यक्ति को दूसरों की तुलना में ज्यादा मच्छर काटते हैं, तो इसके पीछे उसकी शरीर की गंध, सांस से निकलने वाली CO₂, शरीर का तापमान, वातावरण और मच्छर की प्रजाति जैसे कई कारण हो सकते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मच्छरों से बचाव के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने देना और व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय अपनाना ज्यादा प्रभावी रणनीति है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य वैज्ञानिक जानकारी के लिए है। मच्छरों से होने वाली बीमारी के लक्षण जैसे तेज बुखार, शरीर में तेज दर्द, लगातार उल्टी, सांस लेने में परेशानी या असामान्य रक्तस्राव दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

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