
पुरुषों की प्रजनन क्षमता (Male Fertility) केवल आनुवंशिक कारणों या किसी बीमारी पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि उनकी दैनिक जीवनशैली भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई ऐसी आदतें हैं जिन्हें सामान्य माना जाता है, लेकिन लंबे समय तक अपनाने पर वे शुक्राणुओं (Sperm) की गुणवत्ता, संख्या और गतिशीलता (Motility) को प्रभावित कर सकती हैं।
इंदिरा IVF के निदेशक डॉ. क्षितिज मुर्दिया के अनुसार, कुछ सामान्य आदतें जैसे लंबे समय तक लैपटॉप गोद में रखकर काम करना, बहुत टाइट कपड़े पहनना और मोबाइल फोन को लगातार पैंट की जेब में रखना अंडकोष (Testicles) का तापमान बढ़ा सकती हैं। हालांकि, इन आदतों और पुरुष बांझपन के बीच संबंध पर वैज्ञानिक शोध अभी भी जारी है और सभी मामलों में स्पष्ट निष्कर्ष उपलब्ध नहीं हैं।
इंदिरा IVF के निदेशक डॉक्टर क्षितिज मुर्दिया के मुताबिक, पुरुषों की रोज़मर्रा की कुछ आदतें उनकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। लंबे समय तक लैपटॉप गोद में रखकर काम करना, टाइट जींस /अंडरवियर पहनना और मोबाइल पैंट की जेब में रखना अंडकोष का तापमान बढ़ा सकता है जिससे शुक्राणुओं की गुणवत्ता और संख्या पर असर पड़ सकता है।
⚫ पुरुषों की प्रजनन क्षमता कैसे प्रभावित होती है?
पुरुषों में शुक्राणु बनने की प्रक्रिया (Spermatogenesis) सामान्य शरीर के तापमान से लगभग 2–4 डिग्री सेल्सियस कम तापमान पर बेहतर तरीके से होती है। यदि अंडकोष का तापमान लंबे समय तक बढ़ा रहे, तो इससे शुक्राणुओं की संख्या, गुणवत्ता और उनकी गति पर प्रभाव पड़ सकता है।
1. लंबे समय तक लैपटॉप गोद में रखकर काम करना
बहुत से लोग घंटों तक लैपटॉप गोद में रखकर काम करते हैं। लैपटॉप से निकलने वाली गर्मी और लगातार बैठने की स्थिति अंडकोष के तापमान को बढ़ा सकती है।
हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि केवल लैपटॉप का उपयोग ही बांझपन का कारण बन जाता है। वर्तमान शोध यह संकेत देते हैं कि अत्यधिक गर्मी लंबे समय तक बने रहने पर शुक्राणुओं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
⚫ क्या करें?
👉 लैपटॉप को टेबल पर रखकर इस्तेमाल करें।
👉आवश्यकता होने पर लैपटॉप स्टैंड का उपयोग करें।
👉लंबे समय तक लगातार बैठने के बजाय बीच-बीच में ब्रेक लें।
2. बहुत टाइट जींस या अंडरवियर पहनना
अत्यधिक टाइट कपड़े पहनने से अंडकोष शरीर के अधिक निकट रहते हैं, जिससे उनका तापमान थोड़ा बढ़ सकता है।
वैज्ञानिक अध्ययनों में इस विषय पर मिले-जुले परिणाम मिले हैं। कुछ शोधों में हल्का प्रभाव देखा गया है जबकि अन्य में कोई स्पष्ट अंतर नहीं मिला। फिर भी अधिकांश विशेषज्ञ आरामदायक और सही फिटिंग वाले कपड़े पहनने की सलाह देते हैं।
⚫ क्या करें?
👉 बहुत अधिक टाइट कपड़ों से बचें।
👉 आरामदायक और सांस लेने योग्य (Breathable) कपड़े चुनें।
3. मोबाइल फोन को पैंट की जेब में रखना
मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडियोफ्रीक्वेंसी ऊर्जा और शरीर के बहुत निकट लंबे समय तक उसका रहना वैज्ञानिक शोध का विषय बना हुआ है।
अब तक उपलब्ध शोधों में यह निश्चित रूप से सिद्ध नहीं हुआ है कि केवल मोबाइल जेब में रखने से पुरुष बांझपन हो जाता है। हालांकि, कुछ अध्ययनों में संभावित प्रभावों की ओर संकेत मिले हैं। इसलिए सावधानी के तौर पर लंबे समय तक मोबाइल को शरीर से सटाकर रखने से बचना उचित माना जाता है।
⚫ क्या करें?
👉 संभव हो तो मोबाइल बैग या मेज पर रखें।
👉 आवश्यकता न होने पर फोन को लगातार जेब में रखने से बचें।
अन्य आदतें जो प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं
⚫ धूम्रपान
धूम्रपान से शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
⚫ अत्यधिक शराब का सेवन
लगातार अधिक मात्रा में शराब पीने से हार्मोन असंतुलित हो सकते हैं और शुक्राणु निर्माण प्रभावित हो सकता है।
⚫ मोटापा
अधिक वजन टेस्टोस्टेरोन स्तर और शुक्राणुओं की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
⚫ तनाव
लगातार मानसिक तनाव हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर सकता है, जिससे प्रजनन क्षमता पर असर पड़ सकता है।
⚫ पर्याप्त नींद की कमी
रोजाना पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।
⚫ अत्यधिक गर्म वातावरण
बार-बार हॉट टब, स्टीम बाथ या सॉना का लंबे समय तक उपयोग अंडकोष का तापमान बढ़ा सकता है, जिससे अस्थायी रूप से शुक्राणु उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
⚫ पुरुष अपनी प्रजनन क्षमता कैसे बेहतर रख सकते हैं?
👉 संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
👉 नियमित व्यायाम करें।
👉 धूम्रपान और तंबाकू से दूरी रखें।
👉 शराब का सेवन सीमित रखें या न करें।
👉 स्वस्थ वजन बनाए रखें।
👉 पर्याप्त नींद लें।
👉 तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या अन्य स्वस्थ गतिविधियों को अपनाएं।
👉 यदि एक वर्ष तक नियमित प्रयास के बावजूद गर्भधारण न हो (या महिला की आयु 35 वर्ष से अधिक हो और 6 महीने तक सफलता न मिले), तो प्रजनन विशेषज्ञ या यूरोलॉजिस्ट से सलाह लें।

⚫ क्या केवल ये आदतें ही बांझपन का कारण बनती हैं?
नहीं। पुरुष बांझपन के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें हार्मोन संबंधी समस्याएं, आनुवंशिक कारण, संक्रमण, वैरिकोसील, कुछ दवाएं, पुरानी बीमारियां और पर्यावरणीय कारक शामिल हैं। इसलिए केवल किसी एक आदत को जिम्मेदार ठहराना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा।
रोजमर्रा की कुछ आदतें पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने वाले संभावित जोखिम कारकों में शामिल हो सकती हैं, लेकिन इन्हें पुरुष बांझपन का निश्चित कारण नहीं माना जा सकता। स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, संतुलित आहार लेना, धूम्रपान और अत्यधिक शराब से बचना तथा शरीर के तापमान का ध्यान रखना प्रजनन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है।
यदि किसी व्यक्ति को प्रजनन क्षमता को लेकर चिंता है या लंबे समय से संतान प्राप्ति में कठिनाई हो रही है, तो स्वयं निष्कर्ष निकालने के बजाय योग्य डॉक्टर से जांच और परामर्श लेना सबसे उचित कदम है।
अस्वीकरण: यह पोस्ट केवल सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य चिकित्सक से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें।