
NEET (National Eligibility cum Entrance Test) का परिणाम जारी होने के बाद अक्सर एक सवाल चर्चा में रहता है कि जब दो छात्रों के अंक बिल्कुल समान होते हैं, तो उनकी रैंक अलग-अलग कैसे तय होती है? इस बार भी यही सवाल तब उठा जब आर्यन और पांशुल दोनों ने 715 अंक प्राप्त किए, लेकिन एक को AIR-1 और दूसरे को AIR-2 मिली।
NEET में अगर 2 छात्रों का बराबर नंबर आए तो पहले बायोलॉजी के अंक देखे जाते हैं और बायोलॉजी में अच्छे नंबर वाले को बेहतर रैंक दी जाती है। इसके अंक भी बराबर होने पर केमिस्ट्री और फिर फिज़िक्स के अंक देखे जाते हैं। तीनों विषय में समान अंक होने पर परीक्षार्थी के सही-गलत उत्तरों का अनुपात देखा जाता है।
अगर आपके मन में भी यही सवाल है कि समान अंक होने के बावजूद रैंक अलग क्यों होती है, तो आइए इसे पूरी तरह तथ्यों के आधार पर समझते हैं।
⚫ NEET में रैंक कैसे तय की जाती है?
NEET परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) करती है। परीक्षा में कई बार हजारों छात्रों के अंक समान हो जाते हैं। ऐसे में रैंक तय करने के लिए NTA पहले से निर्धारित Tie-Breaking Rules लागू करता है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि सभी छात्रों की रैंक निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से तय की जाए।
⚫ अगर दो छात्रों के अंक बराबर हों तो क्या होता है?
मान लीजिए दो छात्रों ने 715-715 अंक प्राप्त किए हैं। ऐसे में NTA निम्नलिखित क्रम में उनकी रैंक तय करता है।
1. सबसे पहले बायोलॉजी (Biology) के अंक देखे जाते हैं
NEET में बायोलॉजी सबसे अधिक महत्व वाला विषय माना जाता है।
यदि दोनों छात्रों के कुल अंक समान हैं, तो जिस छात्र के Biology (Botany + Zoology) में अधिक अंक होंगे, उसे बेहतर रैंक दी जाएगी।
उदाहरण:
👉 छात्र A – Biology: 355
👉 छात्र B – Biology: 350
दोनों के कुल अंक 715 हैं, लेकिन छात्र A को बेहतर रैंक मिलेगी।
2. यदि बायोलॉजी के अंक भी समान हों
अगर दोनों छात्रों के Biology के अंक भी बराबर हैं, तो अगला आधार Chemistry के अंक होते हैं।
जिस छात्र के Chemistry में अधिक अंक होंगे, उसकी रैंक ऊपर होगी।
3. Chemistry भी बराबर हो तो Physics देखा जाता है
यदि Biology और Chemistry दोनों में समान अंक हैं, तो Physics के अंक की तुलना की जाती है।
Physics में अधिक अंक पाने वाले छात्र को बेहतर रैंक दी जाती है।
4. तीनों विषयों में भी समान अंक हों तो?
अगर Biology, Chemistry और Physics तीनों विषयों में अंक समान हों, तब NTA परीक्षार्थियों के Correct और Incorrect Answers के अनुपात (Correct/Incorrect Ratio) का मूल्यांकन करता है।
जिस छात्र का सही उत्तरों का अनुपात बेहतर होता है, उसे उच्च रैंक दी जाती है।
⚫ क्या पहले उम्र (Age) के आधार पर रैंक तय होती थी?
हाँ।
पहले NEET में यदि अंक समान होते थे, तो अधिक आयु वाले छात्र को बेहतर रैंक दी जाती थी।
लेकिन NTA ने यह नियम समाप्त कर दिया है।
अब रैंक केवल निर्धारित Tie-Breaking Criteria के आधार पर तय की जाती है।
⚫ क्या दोनों छात्रों को AIR-1 मिल सकती है?
नहीं।
NEET की मेरिट सूची में प्रत्येक छात्र की अलग रैंक होती है। इसलिए यदि अंक समान भी हों, तो Tie-Breaking नियमों के आधार पर एक छात्र को AIR-1 और दूसरे को AIR-2 दी जाती है।
⚫ आर्यन और पांशुल के मामले में क्या हुआ?
दोनों छात्रों ने 715 अंक प्राप्त किए।
लेकिन NTA द्वारा लागू Tie-Breaking नियमों के अनुसार उनकी विषयवार (Biology, Chemistry, Physics) प्रदर्शन और निर्धारित मानदंडों का मूल्यांकन किया गया। इसी प्रक्रिया के आधार पर एक छात्र को AIR-1 और दूसरे को AIR-2 प्रदान की गई।
यह पूरी प्रक्रिया NTA के आधिकारिक नियमों के अनुसार होती है।

⚫ छात्रों के लिए यह जानकारी क्यों महत्वपूर्ण है?
यदि आप NEET की तैयारी कर रहे हैं, तो केवल कुल अंक ही नहीं, बल्कि प्रत्येक विषय में अच्छा प्रदर्शन करना भी बेहद जरूरी है।
विशेष रूप से Biology में मजबूत प्रदर्शन आपकी रैंक सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, यदि भविष्य में अंक समान होने की स्थिति बने।
NEET में समान अंक आने का मतलब यह नहीं है कि दोनों छात्रों की रैंक भी समान होगी। NTA पहले Biology, फिर Chemistry, उसके बाद Physics के अंक देखती है। यदि तीनों विषयों के अंक भी समान हों, तो सही और गलत उत्तरों के अनुपात के आधार पर अंतिम रैंक तय की जाती है।
इसी वजह से 715 अंक होने के बावजूद एक छात्र को AIR-1 और दूसरे को AIR-2 मिल सकती है। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, पूर्व निर्धारित और सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होती है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख केवल शैक्षिक और जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी NTA द्वारा निर्धारित NEET टाई-ब्रेकिंग नियमों पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक निर्णय या नवीनतम बदलाव के लिए NTA की आधिकारिक सूचना और NEET Information Bulletin को प्राथमिकता दें।