
इज़राइली फिल्मकार युवाल अब्राहम (Yuval Abraham) और रैचेल ज़ोर (Rachel Szor) की डॉक्यूमेंट्री ‘NAZA’ ने 83वें वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सम्मान हासिल किया है। फिल्म को 12 सितंबर 2026 को Special Jury Prize दिया गया। यह तथ्य वेनिस फिल्म फेस्टिवल की आधिकारिक पुरस्कार सूची से पुष्ट है।
‘NAZA’ किस विषय पर है?
वेनिस फिल्म फेस्टिवल की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 80 मिनट लंबी ‘NAZA’ डॉक्यूमेंट्री गाजा में फिलिस्तीनी नागरिकों की बड़े पैमाने पर हुई मौतों के पीछे कथित सैन्य प्रणालियों और प्रक्रियाओं की पड़ताल करती है। फिल्म की शूटिंग मुख्य रूप से तेल अवीव की छतों पर की गई है और इसमें इज़राइली सैन्य तथा खुफिया तंत्र से जुड़े लोगों की गवाही को शामिल किया गया है। फिल्म के निर्माता The Guardian और JW Films हैं।
फिल्मकारों ने इसे तीन वर्षों में तैयार किया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डॉक्यूमेंट्री में 24 इज़राइली सैन्य या खुफिया स्रोतों के इंटरव्यू शामिल हैं, जिनकी पहचान सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं की गई है। फिल्म में गाजा में सैन्य अभियानों के दौरान नागरिकों को होने वाले नुकसान तथा कथित AI-सहायित लक्ष्य-चयन जैसे मुद्दों को उठाया गया है।
यहां एक महत्वपूर्ण तथ्यात्मक सावधानी जरूरी है: फिल्म में लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। ये फिल्मकारों द्वारा प्रस्तुत गवाहियों और जांच पर आधारित दावे हैं, जिनका इज़राइली सेना ने स्पष्ट रूप से खंडन किया है।
इज़राइली सेना ने क्या कहा?
इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने 11 सितंबर को जारी अपने आधिकारिक बयान में ‘NAZA’ के आरोपों को “categorically” खारिज किया। IDF ने कहा कि फिल्म में इस्तेमाल किए गए गुमनाम स्रोतों की पहचान और उनकी संबंधित भूमिकाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती। सेना ने यह भी कहा कि गाजा में हमलों के चयन और अनुमोदन से जुड़े फैसले मानवीय अधिकारियों द्वारा लिए जाते हैं, न कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा।
इसलिए इस विवाद को रिपोर्ट करते समय दोनों पक्षों को स्पष्ट रूप से अलग रखना जरूरी है—एक ओर फिल्म में मौजूद गवाहियां और फिल्मकारों के आरोप हैं, जबकि दूसरी ओर IDF का आधिकारिक खंडन है।
वेनिस में मिली बड़ी सफलता
‘NAZA’ को 10 सितंबर को वेनिस फिल्म फेस्टिवल की आधिकारिक प्रतियोगिता में प्रदर्शित किया गया था। वेनिस की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक फिल्म Venezia 83 Competition में शामिल थी और इसके निर्देशक युवाल अब्राहम तथा रैचेल ज़ोर हैं।
फिल्म को बाद में Special Jury Prize मिला। पुरस्कार की आधिकारिक घोषणा 12 सितंबर को हुई।
फिल्म के प्रदर्शन के बाद करीब 25 मिनट तक तालियां बजने की रिपोर्ट भी कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने दी है। हालांकि, यह अवधि आधिकारिक वेनिस पुरस्कार रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है; इसलिए इसे “मीडिया रिपोर्टों के अनुसार लगभग 25 मिनट” कहना अधिक सटीक है।
नागरिकता छीनने की धमकी क्यों दी गई?
वेनिस में पुरस्कार मिलने के बाद इज़राइल के संस्कृति एवं खेल मंत्री मिकी ज़ोहर (Miki Zohar) ने युवाल अब्राहम और रैचेल ज़ोर के खिलाफ कड़ा बयान दिया। उन्होंने दोनों पर देश के साथ “विश्वासघात” करने का आरोप लगाते हुए उनकी इज़राइली नागरिकता रद्द करने के लिए कार्रवाई करने की बात कही।
हालांकि, यहां एक बेहद महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है: अभी यह कहना सही नहीं होगा कि दोनों की नागरिकता रद्द कर दी गई है। उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों के अनुसार, मंत्री ने नागरिकता रद्द करने की मांग/कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की है। नागरिकता वास्तव में रद्द हो चुकी है—ऐसा प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
इज़राइल में कुछ विशेष परिस्थितियों में नागरिकता रद्द करने की कानूनी व्यवस्था मौजूद है, लेकिन यह एक अलग कानूनी प्रक्रिया है और केवल संस्कृति मंत्री के बयान से नागरिकता स्वतः समाप्त नहीं हो जाती। Times of Israel के अनुसार, ऐसी कार्रवाई के लिए निर्धारित सरकारी और न्यायिक प्रक्रियाएं लागू होती हैं।
दोनों फिल्मकार पहले भी ऑस्कर जीत चुके हैं
युवाल अब्राहम और रैचेल ज़ोर इससे पहले ‘No Other Land’ के सह-निर्देशक थे। इस फिल्म ने 2025 में Academy Award for Documentary Feature Film जीता था। अमेरिकी Academy की आधिकारिक रिकॉर्ड में Basel Adra, Rachel Szor, Hamdan Ballal और Yuval Abraham को विजेता के रूप में दर्ज किया गया है।
‘NAZA’ का विवाद केवल एक फिल्म को मिले अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार तक सीमित नहीं है। यह सिनेमा, पत्रकारिता, युद्ध में नागरिकों की सुरक्षा, सैन्य जवाबदेही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े बेहद संवेदनशील सवालों के केंद्र में आ गया है।
सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि फिल्म को वेनिस में आधिकारिक Special Jury Prize मिला है, जबकि उसके आरोपों को इज़राइली सेना ने आधिकारिक रूप से खारिज किया है। इसी बीच संस्कृति मंत्री मिकी ज़ोहर ने दोनों फिल्मकारों की नागरिकता रद्द करने की दिशा में कार्रवाई करने की बात कही है। इसलिए वर्तमान स्थिति को “नागरिकता छीन ली गई” नहीं, बल्कि “नागरिकता रद्द करने की मांग/प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा” के रूप में लिखना तथ्यात्मक रूप से अधिक सुरक्षित और सही होगा।
https://apnews.com/article/gaza-israel-war-documentary-8d168c053f27d9d1866b01ee0d3172b2
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