
लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले कुछ वर्षों से लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के तहत संरक्षण देने, पर्यावरण की सुरक्षा और स्थानीय लोगों के अधिकारों को लेकर लगातार आवाज़ उठा रहे हैं। उनके आंदोलनों और अनशन ने देशभर का ध्यान आकर्षित किया है।
इसी क्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और फिल्म जगत की कई प्रसिद्ध हस्तियों ने सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन व्यक्त किया है। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि समर्थन का स्वरूप अलग-अलग रहा है। किसी ने सोशल मीडिया पर समर्थन दिया, किसी ने बयान जारी किया, जबकि कुछ नेताओं ने उनसे मुलाकात भी की।
⚫ सोनम वांगचुक की प्रमुख मांगें
सोनम वांगचुक लंबे समय से मुख्य रूप से इन मांगों को उठा रहे हैं:
👉 लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के तहत विशेष संरक्षण मिले।
👉लद्दाख के पर्यावरण और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा हो।
👉 स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर बनाए जाएं।
👉स्थानीय लोगों की भूमि, संस्कृति और संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
👉लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और स्थानीय स्वशासन को मजबूत किया जाए।
⚫ किन राजनीतिक नेताओं ने समर्थन दिया?
सोनम वांगचुक के आंदोलन को कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने समर्थन दिया है।
1. अरविंद केजरीवाल (आम आदमी पार्टी)
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से सोनम वांगचुक के आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
2. आतिशी
आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने भी सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवाद करना चाहिए।
3. अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सार्वजनिक रूप से समर्थन व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की बात कही।
4. ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले नागरिकों के अधिकारों का समर्थन किया और सोनम वांगचुक के प्रति एकजुटता दिखाई।
5. महुआ मोइत्रा
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा लगातार सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाती रही हैं और उन्होंने आंदोलन के समर्थन में कई सार्वजनिक टिप्पणियाँ की हैं।
6. उद्धव ठाकरे
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी।
7. शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक अधिकारों के संदर्भ में सोनम वांगचुक के आंदोलन को महत्वपूर्ण बताया।
8. जॉन ब्रिटास
सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने संसद और सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे को उठाया तथा सरकार से संवाद की आवश्यकता बताई।
9. रोहित पवार
एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार ने भी सोनम वांगचुक के समर्थन में सार्वजनिक बयान दिए।
⚫ किन मशहूर हस्तियों ने समर्थन किया?
राजनीतिक नेताओं के अलावा फिल्म और कला जगत की कई प्रसिद्ध हस्तियों ने भी समर्थन व्यक्त किया।
इनमें प्रमुख नाम हैं:
👉 अभिनेता नसीरुद्दीन शाह
👉 अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह
👉 अभिनेत्री शबाना आज़मी
👉 अभिनेत्री जीनत अमान
👉 अभिनेता ओमी वैद्य
इन हस्तियों ने मुख्य रूप से सोशल मीडिया पोस्ट, सार्वजनिक अपील या संयुक्त बयान के माध्यम से अपना समर्थन व्यक्त किया।
⚫ समर्थन का क्या महत्व है?
जब विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े नेता और अलग-अलग क्षेत्रों की प्रसिद्ध हस्तियां किसी सामाजिक या पर्यावरणीय मुद्दे पर एक साथ समर्थन देती हैं, तो उस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो जाती है।
हालांकि, किसी आंदोलन को राजनीतिक या सामाजिक समर्थन मिलने का अर्थ यह नहीं होता कि सरकार उसकी सभी मांगों को स्वीकार कर चुकी है। अंतिम निर्णय सरकार और संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से ही लिया जाता है।

⚫ वर्तमान स्थिति
सोनम वांगचुक लगातार यह कहते रहे हैं कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि लद्दाख के पर्यावरण, संस्कृति और स्थानीय लोगों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए है। केंद्र सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच समय-समय पर वार्ताएं भी होती रही हैं, लेकिन सभी प्रमुख मांगों पर अभी तक अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
सोनम वांगचुक के आंदोलन को देश के कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं और फिल्म जगत की मशहूर हस्तियों का समर्थन मिला है। इनमें अरविंद केजरीवाल, आतिशी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, महुआ मोइत्रा, उद्धव ठाकरे, शशि थरूर, जॉन ब्रिटास और रोहित पवार जैसे नेता शामिल हैं। वहीं नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, शबाना आज़मी, जीनत अमान और ओमी वैद्य जैसी हस्तियों ने भी सार्वजनिक रूप से समर्थन व्यक्त किया है।
यह समर्थन मुख्य रूप से लोकतांत्रिक अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और लद्दाख से जुड़े संवैधानिक मुद्दों के संदर्भ में सामने आया है। हालांकि, आंदोलन की मांगों पर अंतिम निर्णय सरकार और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
अस्वीकरण: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध समाचार रिपोर्टों, आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें शामिल नेताओं और मशहूर हस्तियों के नाम उनके सार्वजनिक समर्थन, बयान या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर दिए गए हैं। समय के साथ नई जानकारी या आधिकारिक बयान आने पर यह सूची बदल सकती है। इस लेख का उद्देश्य केवल तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करना है, किसी राजनीतिक दल, व्यक्ति या विचारधारा का समर्थन या विरोध करना नहीं है।