
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की कैंसर रिसर्चर एना कैनाडास के मुताबिक, उन्होंने 10 चीज़ों को डाइट से हमेशा के लिए हटा दिया है। उनके अनुसार, वह प्रोसेस्ड मीट, चीनी वाले सॉफ्ट ड्रिंक्स, बर्ट मीट, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड पैक्ड स्नैक्स, डीप-फ्राइड फास्ट-फूड, प्रोसेस्ड ब्रेकफास्ट सीरिअल्स, एनर्जी ड्रिंक्स, शराब, फ्लेवर्ड कॉफी क्रीमर व चीनी वाली कॉफी ड्रिंक्स और ज़्यादा प्रोसेस्ड हेल्थ फूड्स का सेवन नहीं करतीं।
⚫ कैंसर रिसर्चर ने अपनी डाइट से हटाईं ये 10 चीजें, क्या आप भी कर रहे हैं सेवन ?
क्या आप जानते हैं कि कुछ रोजमर्रा की खाने-पीने की चीजें, जिन्हें हम बिना सोचे-समझे खा लेते हैं, हमारी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं? कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की कैंसर रिसर्चर एना कैनाडास (Ana Canadas) ने छह साल के शोध के बाद अपनी डाइट से 10 आम चीजों को हमेशा के लिए बाहर कर दिया है। आइए जानते हैं वे कौन-सी चीजें हैं और इन्हें क्यों अवॉइड किया जाना चाहिए
1. प्रोसेस्ड मीट (Processed Meats)
बेकन, सॉसेज, सलामी और डेली मीट जैसी चीजें विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा “कैंसरकारी” श्रेणी में रखी गई हैं। इनका सेवन खासतौर पर कोलोरेक्टल कैंसर (आंतों का कैंसर) के बढ़ते खतरे से जुड़ा है
2. शुगरी सॉफ्ट ड्रिंक्स (Sugary Soft Drinks)
कोल्ड ड्रिंक्स और पैक्ड जूस में मौजूद लिक्विड शुगर ब्लड शुगर को तेजी से स्पाइक करती है, जिससे मोटापा और मेटाबोलिक डिसफंक्शन होता है। एक्सेस बॉडी फैट कई तरह के कैंसर के लिए सबसे मजबूत जोखिम कारकों में से एक है
3. जली-भुनी मीट (Burnt or Charred Meats)
बारबेक्यू में जलाया गया मांस हाई-टेंपरेचर पर पकाने से HCA और PAH जैसे कंपाउंड बनते हैं, जो प्रयोगशाला अध्ययनों में DNA को नुकसान पहुंचाते पाए गए हैं
4. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड पैक्ड स्नैक्स (Ultra-Processed Packaged Snacks)
चिप्स और क्रैकर्स में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, सीड ऑयल, इमल्सीफायर और आर्टिफिशियल एडिटिव्स होते हैं। ये ओवरईटिंग को बढ़ावा देते हैं और इनकी न्यूट्रिशनल क्वालिटी बेहद खराब होती है
5. डीप-फ्राइड फास्ट फूड (Deep-Fried Fast Food)
हाई-टेंपरेचर पर तलने से एक्रिलामाइड नाम का कंपाउंड बनता है, जिसे “प्रोबेबल ह्यूमन कार्सिनोजन” माना जाता है
6. प्रोसेस्ड ब्रेकफास्ट सीरियल्स (Processed Breakfast Cereals)
मार्केटिंग के चक्कर में आप बच्चों को हेल्दी समझकर जो ब्रेकफास्ट सीरियल खिला रहे हैं, उनमें चौंकाने वाली मात्रा में चीनी होती है और ये पेट भरने में सक्षम नहीं होते
7. एनर्जी ड्रिंक्स (Energy Drinks)
थकान दूर करने के नाम पर पी जाने वाली एनर्जी ड्रिंक्स में भारी मात्रा में शुगर, कैफीन और केमिकल एडिटिव्स होते हैं, जो कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं
8. शराब (Alcohol)
शराब पीने से शरीर में एसिटाल्डिहाइड बनता है, जो DNA को डैमेज करता है। यहां तक कि मध्यम मात्रा में शराब पीना भी ब्रेस्ट, लिवर, कोलोरेक्टल और एसोफेजियल कैंसर के खतरे को बढ़ाता है
9. फ्लेवर्ड कॉफी क्रीमर और शुगरी कॉफी ड्रिंक्स
आपकी पसंदीदा फ्लेवर्ड कॉफी में एक डेजर्ट से ज्यादा चीनी हो सकती है। इसे हेल्दी समझकर रोजाना पीना आपकी सेहत के लिए खतरनाक है
10. हाई-प्रोसेस्ड ‘हेल्थ फूड्स’ (Highly Processed ‘Health Foods’)
प्रोटीन बार और डाइट स्नैक्स जैसी चीजें “हेल्दी” होने का दिखावा करती हैं, लेकिन इनमें लंबी इंग्रीडिएंट लिस्ट, आर्टिफिशियल स्वीटनर्स और फिलर्स होते हैं। लेबल पढ़े बिना भरोसा न करें
⚫ हमें इन चीजों से क्यों बचना चाहिए?
एना कैनाडास के अनुसार, सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ये चीजें हमारी “आदत” बन चुकी हैं। हम इन्हें बिना सोचे खरीद लेते हैं क्योंकि इन्हें “एवरीडे एसेंशियल” के रूप में मार्केट किया जाता है।
अध्ययनों के अनुसार, 30-50% कैंसर को हेल्दी डाइट, एक्टिव लाइफस्टाइल और शराब-धूम्रपान से बचाव द्वारा रोका जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम अपनी डाइट को लेकर सजग रहें और “जंक” को “जरूरी” समझने की भूल न करें।
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जानकारी पर आधारित है। किसी भी बड़े डाइट बदलाव से पहले अपने डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह जरूर लें