
व्या शाम के समय आपके पैरों में भी आ जाती हैसूजन? यूरोलॉजिस्ट से जानें इसकी गंभीर बजहयूरोलॉजिस्ट डॉ. भूपत सिंह भाटी ने बताया है कि शाम मेटखनों में होंने वाली सुजन किडनी की बीमारी का शुरुआातीसंकेत हो सकती है। उन्होंने कहा, ‘किडनी के ठीक से कामनहीं करने पर शरीर से अतिरिक्त पानी बाहर नहीं निकलता
जो शरीर के निचले हिस्सों, खासकर टखनों और पैरों में जमा
होने लगता है…इ्सी कारण सूजन होती ह “
शाम के समय पैरों या टखनों में हल्की सूजन कई लोगों को सामान्य लगती है। लंबे समय तक खड़े रहने, अधिक चलने या गर्म मौसम के कारण भी ऐसा हो सकता है। लेकिन यदि यह सूजन बार-बार होने लगे, बिना किसी स्पष्ट कारण के दिखाई दे या इसके साथ अन्य लक्षण भी हों, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यूरोलॉजिस्ट डॉ. भूपत सिंह भाटी के अनुसार, शाम के समय टखनों और पैरों में होने वाली सूजन कुछ मामलों में किडनी की बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकती है। जब किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, तो यह तरल पदार्थ शरीर के निचले हिस्सों, विशेषकर पैरों और टखनों में जमा होने लगता है। इसी वजह से सूजन दिखाई देती है।
पैरों में सूजन क्यों आती है?
पैरों में सूजन (Edema) का मतलब है शरीर के ऊतकों में अतिरिक्त तरल पदार्थ का जमा होना। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे:
- लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना
- अधिक नमक का सेवन
- गर्म मौसम
- गर्भावस्था
- कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव
- नसों की समस्या
- हृदय, लिवर या किडनी से जुड़ी बीमारी
इसलिए केवल सूजन देखकर यह मान लेना कि किडनी खराब है, सही नहीं है। लेकिन यदि सूजन लगातार बनी रहती है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
किडनी की बीमारी में सूजन क्यों होती है?
किडनी का मुख्य काम शरीर से अतिरिक्त पानी, नमक और अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के माध्यम से बाहर निकालना है। यदि किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगे तो:
- शरीर में पानी जमा होने लगता है।
- सोडियम (नमक) का संतुलन बिगड़ जाता है।
- पैरों, टखनों और कभी-कभी चेहरे पर भी सूजन आ सकती है।
यह सूजन अक्सर दिनभर में बढ़ती है और शाम तक अधिक स्पष्ट दिखाई देती है।
किन लक्षणों के साथ तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
यदि पैरों की सूजन के साथ इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है:
- पेशाब कम आना
- पेशाब में झाग आना
- पेशाब में खून दिखाई देना
- चेहरे या आंखों के आसपास सूजन
- लगातार थकान
- भूख कम लगना
- सांस फूलना
- उच्च रक्तचाप
ये लक्षण किडनी से जुड़ी समस्या की ओर संकेत कर सकते हैं, हालांकि इनका कारण अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं।
किन लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है?
इन लोगों में किडनी रोग का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक होता है:
- मधुमेह (डायबिटीज) के मरीज
- हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
- मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति
- 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग
- जिनके परिवार में किडनी रोग का इतिहास हो
ऐसे लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए।
किडनी की जांच कैसे होती है?
यदि डॉक्टर को किडनी संबंधी समस्या का संदेह होता है, तो वे निम्न जांच कराने की सलाह दे सकते हैं:
- सीरम क्रिएटिनिन (Serum Creatinine)
- eGFR (Estimated Glomerular Filtration Rate)
- यूरिन रूटीन एवं एल्ब्यूमिन जांच
- ब्लड प्रेशर की जांच
- आवश्यकता होने पर किडनी का अल्ट्रासाउंड
इन जांचों के आधार पर ही सही निदान किया जाता है।
क्या हर पैरों की सूजन किडनी की बीमारी होती है?
नहीं। पैरों में सूजन हमेशा किडनी की बीमारी का संकेत नहीं होती।
इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे:
- लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे या खड़े रहना
- नसों की कमजोरी (Venous Insufficiency)
- हृदय संबंधी रोग
- लिवर की बीमारी
- थायरॉयड विकार
- कुछ दवाओं का असर
इसीलिए बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
किडनी को स्वस्थ रखने के उपाय
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं (डॉक्टर की सलाह के अनुसार)।
- नमक का सेवन सीमित रखें।
- ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें।
- धूम्रपान और तंबाकू से बचें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाओं (NSAIDs) का लंबे समय तक उपयोग न करें।
- नियमित व्यायाम करें।
- साल में कम से कम एक बार स्वास्थ्य जांच कराएं, विशेषकर यदि आप जोखिम वाले समूह में हैं।
शाम के समय पैरों या टखनों में बार-बार होने वाली सूजन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह कई कारणों से हो सकती है, जिनमें किडनी की बीमारी भी एक महत्वपूर्ण कारण है। यदि सूजन लगातार बनी रहे या इसके साथ पेशाब में बदलाव, सांस फूलना, चेहरे की सूजन या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो जल्द से जल्द यूरोलॉजिस्ट या नेफ्रोलॉजिस्ट से परामर्श लें। समय पर जांच और उपचार से किडनी की गंभीर समस्याओं को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी प्रकार की सूजन या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर स्वयं उपचार न करें और योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।