
चीन के शेनज़ेन स्थित विशाल कंप्यूटिंग सिस्टम LineShine को दुनिया का सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर घोषित किया गया है और इसके साथ ही चीन ने इस सूची में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। LineShine के परीक्षण परिणाम अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित लॉरेंस लिवरमोर नैशनल लेबोरेटरी के El Capitan सुपरकंप्यूटर से 20% से अधिक तेज़ पाए गए।
⚫ चीनी सुपरकंप्यूटर LineShine बना दुनिया का सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर, अमेरिका को पछाड़ा
चीन ने सुपरकंप्यूटिंग की दौड़ में हासिल की बड़ी जीत
तकनीकी क्षेत्र में चीन ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। चीन के शेनझेन स्थित नेशनल सुपरकंप्यूटिंग सेंटर द्वारा विकसित LineShine सुपरकंप्यूटर को दुनिया का सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर घोषित किया गया है। नवीनतम TOP500 रैंकिंग में LineShine ने अमेरिका के El Capitan सुपरकंप्यूटर को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, LineShine का प्रदर्शन El Capitan की तुलना में 20% से अधिक तेज़ पाया गया।
यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से सुपरकंप्यूटिंग के क्षेत्र में अमेरिका का दबदबा बना हुआ था। अब चीन ने एक बार फिर दुनिया को दिखाया है कि वह उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) के क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
⚫ क्या है LineShine सुपरकंप्यूटर?
LineShine एक एक्सास्केल (Exascale) श्रेणी का सुपरकंप्यूटर है। एक्सास्केल कंप्यूटर वे होते हैं जो प्रति सेकंड कम-से-कम एक क्विंटिलियन (1018) गणनाएँ कर सकते हैं। चीन का यह सिस्टम पूरी तरह घरेलू तकनीक पर आधारित है और इसमें
विदेशी चिप्स का उपयोग नहीं किया गया है। Glenn K. Lockwood +1
LineShine की प्रमुख विशेषताएँ:
👉 लगभग 2 एक्साफ्लॉप्स तक की प्रदर्शन क्षमता
👉 20,480 कंप्यूट नोड्स
👉 40,960 घरेलू LX2 प्रोसेसर
👉 लगभग 2.45 मिलियन CPU कोर
👉 Ling Qi हाई-स्पीड इंटरकनेक्ट नेटवर्क
👉 पूरी तरह चीनी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर आधारित संरचना
⚫ अमेरिका के El Capitan को कैसे पीछे छोड़ा ?
अमेरिका का El Capitan सुपरकंप्यूटर, जो कैलिफोर्निया स्थित लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लेबोरेटरी में स्थापित है, लंबे समय से दुनिया का सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर माना जाता था। लेकिन नवीनतम परीक्षणों में LineShine ने लगभग 2.198 एक्साफ्लॉप्स का प्रदर्शन दर्ज किया, जो El Capitan से 20% से अधिक बेहतर है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह उपलब्धि चीन की घरेलू चिप डिजाइन क्षमता और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती
आत्मनिर्भरता का संकेत है।
⚫ सबसे खास बात: GPU के बिना बना सुपरकंप्यूटर
आज दुनिया के अधिकांश शीर्ष सुपरकंप्यूटर NVIDIA जैसे GPU एक्सेलरेटर पर निर्भर हैं। लेकिन LineShine मुख्य रूप से CPU-आधारित आर्किटेक्चर पर चलता है और इसमें पारंपरिक
GPU का उपयोग नहीं किया गया है।
यह मॉडल चीन के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका द्वारा लगाए गए उन्नत चिप निर्यात प्रतिबंधों के बावजूद चीन ने घरेलू तकनीक के दम पर विश्व स्तरीय सुपरकंप्यूटर विकसित कर लिया है।

⚫ किन क्षेत्रों में होगा उपयोग?
LineShine का उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा:
1. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अनुसंधान
2. जलवायु परिवर्तन मॉडलिंग
3. मौसम पूर्वानुमान
4. दवा और वैक्सीन अनुसंधान
5. अंतरिक्ष विज्ञान
6. परमाणु एवं रक्षा अनुसंधान
7. बड़े पैमाने के वैज्ञानिक सिमुलेशन
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि TOP500 रैंकिंग पारंपरिक वैज्ञानिक कंप्यूटिंग को मापती है और AI कार्यों में GPU-आधारित सिस्टम अभी भी अधिक प्रभावी हो सकते हैं।
⚫ चीन और अमेरिका के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा
पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका ने चीन की उन्नत चिप तकनीक तक पहुँच सीमित करने के लिए कई निर्यात प्रतिबंध लगाए हैं। इसके बावजूद LineShine की सफलता दिखाती है कि चीन घरेलू चिप्स, नेटवर्किंग तकनीक और सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम विकसित करने में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।
यह उपलब्धि केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं बल्कि वैश्विक तकनीकी शक्ति संतुलन में भी महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत मानी जा रही है।
LineShine का दुनिया का सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटर बनना चीन के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसने न केवल अमेरिका के EI Capitan को पीछे छोड़ा है बल्कि यह भी साबित किया है कि घरेलू तकनीक के दम पर विश्व स्तरीय कंप्यूटिंग सिस्टम विकसित किए जा सकते हैं। आने वाले वर्षों में सुपरकंप्यूटिंग, AI और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में चीन और अमेरिका के बीच प्रतिस्पर्धा और भी तेज़ होने की संभावना है।