
क्या आप जानते हैं कि दिल या पैरों की नसों में ब्लॉकेज (Artery Blockage) की जांच के लिए आपको हमेशा महंगे स्कैन या एंजियोग्राफी की जरूरत नहीं है? अगर आपके पास घर पर बीपी मापने की मशीन है, तो आप बिना किसी दर्द या इंजेक्शन के शुरुआती स्तर पर यह पता लगा सकते हैं कि कहीं आपकी नसें सख्त या ब्लॉक तो नहीं हो रही हैं।
आइए जानते हैं कार्डियोपल्मनरी थेरेपिस्ट डॉ. राजवीर द्वारा बताए गए इस सरल लेकिन बेहद कारगर तरीके के बारे में।
⚫ बीपी मशीन से चेक कर सकते हैं नसों की ब्लॉकेज, डॉक्टर ने बताया तरीका
कार्डियोपल्मनरी थेरेपिस्ट डॉ. राजवीर के अनुसार, बीपी मशीन से नसों की ब्लॉकेज चेक हो सकती है। हाथ और फिर टखने का बीपी मापें। टखने की ऊपर वाली रीडिंग को हाथ की ऊपर वाली रीडिंग से भाग दें। नतीजा 1 के आसपास है तो ठीक, 0.9 से कम खतरा और 1.4 से ज़्यादा होना सख्त नसों का संकेत हो सकता है।
⚫ क्या है यह टेक्निक ? (एबीआई – एंकल ब्रैकियल इंडेक्स)
यह तरीका मेडिकल साइंस में एंकल-ब्रैकियल इंडेक्स (ABI – Ankle Brachial Index) टेस्ट के नाम से जाना जाता है। यह एक नॉन-इनवेसिव तरीका है, जिससे पता चलता है कि आपके पैरों तक खून सही से पहुंच रहा है या नहीं।
डॉ. राजवीर के अनुसारः यह टेस्ट सिर्फ महंगी लैब में ही
नहीं, बल्कि घर में सामान्य बीपी मशीन (स्फिग्मोमैनोमीटर) से भी किया जा सकता है।
⚫ स्टेप बाय स्टेपः घर पर कैसे करें चेक?
डॉ. राजवीर द्वारा बताए गए स्टेप्स का पालन करें। कृपया ध्यान दें: यह टेस्ट ठीक से तभी होगा जब आप 10-15 मिनट आराम कर चुके हों।
⚫ स्टेप 1: हाथ का बीपी मापें
👉 सबसे पहले सामान्य तरीके से अपने हाथ का ब्लड प्रेशर मायें।
👉 जब मशीन रीडिंग दे, तो ‘सिस्टोलिक’ (ऊपर वाला नंबर) नोट कर लें।
👉 मान लीजिए हाथ का सिस्टोलिक 120 mmHg है।
⚫ स्टेप 2: टखने (एकल) का बीपी मापें
👉 अब बीपी मशीन का कफ अपनी बांह से हटाकर टखने (Ankle) के ठीक थोड़ा ऊपर – जहां पिंडली कम होती है पर बांधें।
👉 ध्यान रखें: कफ हमेशा हार्ट के लेवल पर रखें, चाहे वो हाथ हो या पैर।
👉 मशीन चालू करें। यहां भी ‘सिस्टोलिक’ (ऊपर वाला नंबर) ही नोट करना है।
👉 मान लीजिए पैर का सिस्टोलिक 118 mmHg है।
⚫ स्टेप 3: कैलकुलेशन – भाग देना है (Divide करना है)
👉 यहां डॉक्टर ने जो फॉर्मूला बताया, वह यह है:
[टखने की ऊपर वाली रीडिंग] / [हाथ की ऊपर वाली रीडिंग]
Eg. यानी: 118 ÷ 120 = 0.983 (लगभग 1)
⚫ क्या यह 100% सही है? (जानिए सीमाएं
यह टेस्ट एक शुरुआती स्क्रीनिंग टेस्ट है। यह आपको बताता है कि रिस्क है या नहीं, लेकिनः
👉 यह बताता है कि ब्लॉकेज है, लेकिन कितना प्रतिशत ब्लॉकेज है, यह नहीं बताता।
👉 अगर मरीज को बहुत ज्यादा डायबिटीज है या उम्र बहुत ज्यादा है, तो नसें इतनी सख्त हो जाती हैं कि बीपी मशीन उन्हें कंप्रेस नहीं कर पाती, जिससे गलत रिजल्ट आ सकता है।
👉 डॉक्टर परामर्श जरूरी: यदि रिजल्ट खतरे वाला आए,
तो कृपया डॉक्टर से जाकर डुप्लेक्स स्कैन या एंजियोग्राम करवाएं।
निष्कर्ष (हमारी राय)
हाँ, बीपी मशीन से नसों की ब्लॉकेज चेक हो सकती है, लेकिन यह केवल स्क्रीनिंग है। यह तरीका उन लोगों के लिए वरदान है जिनके पैरों में दर्द, ठंडक या बाल झड़ रहे हैं।
डॉ. राजवीर की यह ट्रिक घर पर ही ‘पैरों की नसों’ की बीमारी का पता लगाने का सस्ता और सटीक जरिया है। अगर आपका रिजल्ट 0.9 से कम आता है, तो देरी न करें कार्डियोवैस्कुलर अटैक (हार्ट अटैक या स्ट्रोक) का चेतावनी संकेत हो सकता है। यह
अस्वीकरण (Disclaimer): यह जानकारी शैक्षिक उद्देश्यों
के लिए है। किसी भी चिकित्सीय निर्णय से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।
क्या आपने यह टेस्ट करके देखा है? अगर हाँ, तो कमेंट करके बताइए।