
⚫ अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ इतिहास के सबसे बड़े मिसाइल हमले की तैयारी कर ली है: ईरान
दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने X पर लिखा है, “ईरान ने पश्चिम एशिया में इज़रायल और अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ इतिहास के सबसे बड़े मिसाइल हमले की तैयारी कर ली है।” बकौल दूतावास, हमले के किसी भी संकेत का पता चलने पर तुरंत हमला शुरू किया जाएगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सीज़फायर को बढ़ा दिया था।
अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ ‘इतिहास के सबसे बड़े मिसाइल हमले’ की ईरानी चेतावनी और बढ़ता तनाव
लेखक: डिजिटल डेस्क
पश्चिम एशिया इन दिनों एक बार फिर युद्ध के बादलों के बीच घिरता नजर आ रहा है। तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया, जब दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक चौंकाने वाला बयान जारी किया। दूतावास ने दावा किया कि ईरान ने इज़रायल और अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ ‘इतिहास के सबसे बड़े मिसाइल हमले’ की तैयारी पूरी कर ली है।
⚫ क्या कहा है ईरानी दूतावास ने?
ईरानी दूतावास के इस बयान के मुताबिक, हमले के किसी भी संकेत का पता चलते ही तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में युद्धविराम (सीज़फायर) को बढ़ाने की घोषणा की थी। यानी, एक तरफ ट्रंप लड़ाई रोकने और बातचीत की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान बड़े हमले की चेतावनी दे रहा है।
⚫ ‘सीज़फायर’ के बीच क्यों बढ़ रहा तनाव ?
हालांकि अमेरिका और इज़रायल ने 28 फरवरी 2026 को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (भीषण क्रोध) के तहत ईरान पर हमला किया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ कमांडर मारे गए थे उसके बाद से क्षेत्र में हलचल मची हुई है।
हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने सीज़फायर को तो अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी (Blockade) बरकरार रखी है। ईरान के लिए यह नाकाबंदी युद्धविराम का उल्लंघन है। ईरान का कहना है कि जब तक नाकाबंदी नहीं हटेगी और इज़रायल हमले बंद नहीं करेगा, तब तक बातचीत संभव नहीं है।
⚫ हमले का असरः क्या है ‘इतिहास का सबसे बड़ा हमला’?
ईरान ने ‘इतिहास के सबसे बड़े हमले’ की बात कही है, और इतिहास गवाह है कि पिछले कुछ महीनों में ईरान ने इज़रायल पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2025 की ‘बारह दिवसीय जंग’ के दौरान ईरान ने 550 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 1,000 से अधिक ड्रोन दागे थे 6 । हालांकि, इज़रायल की एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम (आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग, एरो) ने 80-95% हमलों को नाकाम कर दिया था। लेकिन ईरान ने अब ‘सैचुरेशन अटैक’ (इतने सारे हथियार दागना कि बचाव प्रणाली ध्वस्त हो जाए) की चेतावनी दी है। ईरान का दावा है कि उसके पास अब हजारों मिसाइलों का भंडार है जो अमेरिकी और इज़रायली ठिकानों को निशाना बना सकता है।
⚫ क्या भिड़ेंगे भारी पड़ोसी ?
इस बीच, हालात यह भी दर्शाते हैं कि पूरा क्षेत्र आग का गोला बनता जा रहा है
1. लीबनान मोर्चाः हिजबुल्ला पहले से ही इज़रायल के साथ मोर्चे पर है। दक्षिणी लेबनान में झड़पें लगातार हो रही हैं।
2. होर्मुज जलडमरूमध्यः ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को
प्रभावी रूप से बंद करने की धमकी दी है। अगर ऐसा हुआ, तो दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं (पहले ही $100 प्रति बैरल को पार कर चुकी हैं)
3. ना बन पा रही बातचीतः पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने
वाली बातचीत ठप हो गई क्योंकि ईरान ने ‘धमकी के तहत’ बातचीत करने से इनकार कर दिया
⚫ क्या है आगे का रास्ता?
राघव चड्डा से लेकर ईरान तक, राजनीति और जंग के मोर्चे पर फेरबदल हो रहा है। हालांकि ईरानी दूतावास का यह बयान डराने की रणनीति (Psychological Warfare) भी हो सकता है, लेकिन पश्चिम एशिया में जमीनी हालात बेहद गंभीर हैं।
सवाल यह है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, जो खुद को ‘शांति दूत’ (Peacemaker) कहते हैं, वाकई में एक और बड़ी जंग रोक पाएंगे? या फिर ‘सीज़फायर’ सिर्फ सैनिकों को फिर से तैयार करने का एक मौका है?
फिलहाल, पूरी दुनिया की निगाहें तेहरान और वॉशिंगटन की ओर लगी हैं। अगर ईरान ने अपनी धमकी को अंजाम दिया, तो यह इतिहास का सबसे विनाशकारी मिसाइल युद्ध हो सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
अस्वीकरण: उपरोक्त पोस्ट विभिन्न समाचार रिपोर्टों और विश्लेषणों पर आधारित है, जो 26 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध हैं। युद्ध क्षेत्र की स्थितियां बहुत तेजी से बदलती हैं।
नोट: क्या इस तरह से युद्ध करना सही या गलत कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं