
पिछले कुछ हफ्तों में मिडिल ईस्ट का तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत विफल होने के बाद अब ईरान ने एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स (IRGC) के एक वरिष्ठ कमांडर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद-रेज़ा नघदी ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध शुरू हुआ, तो यह सीमित संघर्ष नहीं रहेगा, बल्कि यह एक वैश्विक (विश्व) युद्ध का रूप ले लेगा।
आइए, इस धमकी के पीछे की वजहों, ईरान की नई मिसाइलों और इसके संभावित परिणामों को विस्तार से समझते हैं।
⚫ किसने और क्यों दी यह धमकी ?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स के सीनियर कमांडर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद-रेज़ा नघदी ने यह बयान दिया है। उनका कहना है कि ईरान ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वह किसी भी सैन्य कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देगा। अब उन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर इज़राइल या अमेरिका ने ईरान या उसके सहयोगियों (जैसे हिजबुल्लाह, हमास या सीरिया) पर हमला किया, तो ईरान की प्रतिक्रिया स्थानीय नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर होगी।
⚫ नई मिसाइलें – ईरान का सबसे बड़ा हथियार
इस चेतावनी में सबसे अहम हिस्सा है- नई मिसाइलें। जनरल नघदी ने सीधे तौर पर कहा कि ईरान उन मिसाइलों का इस्तेमाल करेगा जो इसी महीने (बयान के अनुसार) बनाई गई हैं। हालाँकि उन्होंने इन मिसाइलों की डिटेल नहीं दी, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का अनुमान है कि ईरान हाइपरसोनिक और लंबी दूरी की सटीक मार करने वाली मिसाइलों की बात कर रहा है।
ईरान पिछले कुछ सालों में मिसाइल तकनीक में काफी आगे बढ़ा है। उसके पास खोर्रमशहर-4, हाज कासिम और फत्ताह-2 जैसी मिसाइलें हैं जो 1500 से 2000 किलोमीटर तक के निशाने को भेद सकती हैं। ये मिसाइलें इज़राइल, सऊदी अरब और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को आसानी से निशाना बना सकती हैं।
⚫ विश्व युद्ध का क्या मतलब है ईरान के लिए?
जब ईरान विश्व युद्ध की बात करता है, तो वह केवल ईरान और अमेरिका के बीच सीधी टक्कर नहीं, बल्कि एक बहु-कोणीय युद्ध की ओर इशारा करता है। इसका मतलब हो सकता है
1. हिजबुल्लाह (लेबनान), हूती (यमन) और हमास (फिलिस्तीन) जैसे ईरान के प्रॉक्सी समूह पूरी ताकत से इज़राइल और अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेंगे।
2. बाब-अल-मंडेब और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों पर हमले किए जाएंगे, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी।
3. रूस और चीन भी अप्रत्यक्ष रूप से इस संघर्ष में शामिल हो सकते हैं, जिससे यह वाकई एक बड़े विश्व युद्ध का आकार ले सकता है।
⚫ क्या इस धमकी के पीछे कोई और वजह है?
बिल्कुल। यह धमकी केवल डराने के लिए नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक रणनीति है
👉 बातचीत में ईरान पर दबाव: हाल ही में ईरान ने अमेरिका
के साथ दूसरे दौर की बातचीत से इनकार कर दिया था। ईरान चाहता है कि अमेरिका परमाणु समझौते (JCPOA) पर वापस लौटे और प्रतिबंध हटाए। यह धमकी अमेरिका को दिखाने का एक तरीका है कि अगर उसने दबाव बनाए रखा तो परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
👉 इज़राइल पर रोक लगानाः इज़राइल लगातार सीरिया
और लेबनान में ईरानी ठिकानों पर हमले कर रहा है। ईरान यह संदेश देना चाहता है कि अगर इज़राइल ने इन हमलों को जारी रखा तो उसकी प्रतिक्रिया भयानक होगी।
👉 आंतरिक स्थिति मजबूत करनाः ईरान के अंदर आर्थिक
संकट और विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। ऐसे में बाहरी दुश्मन को धमकी देकर सरकार जनता को एकजुट करने की कोशिश करती है।
⚫ क्या वाकई विश्व युद्ध छिड़ सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्ण रूप से विश्व युद्ध की संभावना तो कम है, लेकिन एक बड़ा क्षेत्रीय युद्ध जरूर छिड़ सकता है जिसके असर पूरी दुनिया पर पड़ेंगे। अमेरिका और यूरोपीय देश इस समय यूक्रेन युद्ध में उलझे हैं, ऐसे में वे मिडिल ईस्ट में एक नए मोर्चे से बचना चाहेंगे। दूसरी तरफ, ईरान भी जानता है कि पूर्ण पैमाने पर युद्ध उसकी अर्थव्यवस्था और स्थिरता को तहस-नहस कर देगा।
लेकिन गलतफहमी या कोई छोटी घटना (जैसे किसी कमांडर की हत्या या कोई मिसाइल हमला) इस पूरे इलाके को आग की लपटों में ले जा सकती है। ईरान का यह बयान दरअसल एक लाल रेखा है – “इससे आगे मत बढ़ो, वरना अंजाम बहुत बुरा होगा।”
ईरान के सीनियर कमांडर की यह धमकी मिडिल ईस्ट के बढ़ते तनाव का नतीजा है। ‘विश्व युद्ध’ और ‘नई मिसाइलों’ का जिक्र कर ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब पीछे हटने के मूड में नहीं है। फिलहाल, सारी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका और इज़राइल इस चेतावनी का क्या जवाब देते हैं। क्या वे कूटनीति का रास्ता चुनेंगे या फिर तनाव और बढ़ेगा? आने वाले दिन इस सवाल का जवाब तय करेंगे।
अस्वीकरण: यह Article विभिन्न समाचार एजेंसियों (IRNA,
रॉयटर्स, एपी आदि) और विशेषज्ञों के विश्लेषण पर आधारित है। स्थिति अत्यंत गतिशील है, इसमें समय के साथ बदलाव हो सकता है।