
रोटी को बहुत ज़्यादा जलाने या तलने पर एक्रिलामाइड नाम का पदार्थ बनता है जिसे इंटरनैशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर संभावित कैंसरकारी मानता है। ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. वर्तिका विश्वानी के अनुसार, सामान्य तरीके से बनी रोटी खाने से मनुष्यों में कैंसर का कोई खतरा नहीं पाया गया। इसलिए जली हुई रोटी खाने से बचें और इसे संतुलित मात्रा में खाएं।
⚫ क्या रोटी में होता है कैंसर पैदा करने वाला तत्व ? जानिए पूरी सच्चाई
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि रोटी खाने से कैंसर हो सकता है। ऐसे में लोगों के मन में डर और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। आइए इस मामले में विज्ञान और विशेषज्ञों की राय के आधार पर विस्तार से समझते हैं।
⚫ एक्रिलामाइड क्या है?
जब हम रोटी, ब्रेड, आलू या अन्य कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों को बहुत अधिक तापमान (120°C से अधिक) पर पकाते हैं, जैसे कि जलाना या अधिक तलना, तो उनमें एक्रिलामाइड (Acrylamide) नामक रासायनिक पदार्थ बनता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसे मेलार्ड रिएक्शन कहते हैं।
⚫ क्या एक्रिलामाइड कैंसर का कारण बनता है?
इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC), जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक एजेंसी है, एक्रिलामाइड को “संभावित रूप से कैंसरकारी (Group 2A)” मानती है। इसका मतलब है कि प्रयोगशाला में जानवरों पर हुए अध्ययनों में यह कैंसर पैदा कर सकता है, लेकिन मनुष्यों पर इसका निर्णायक प्रमाण अभी तक नहीं मिला है।
⚫ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. वर्तिका विश्वानी की राय
प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ (ऑन्कोलॉजिस्ट) डॉ. वर्तिका विश्वानी के अनुसारः
👉 सामान्य रोटी सुरक्षित हैः सामान्य तरीके से तवे पर सेंकी
गई या हल्की पकाई गई रोटी खाने से मनुष्यों में कैंसर का कोई खतरा सिद्ध नहीं हुआ है।
👉 खतरा केवल अधिक जलाने परः यदि आप रोटी को
बहुत अधिक जलाकर (काली या जली हुई) खाते हैं, तभी एक्रिलामाइड की मात्रा अधिक हो सकती है।
👉 मात्रा मायने रखती है: बहुत अधिक मात्रा में लगातार
जली हुई रोटी खाने से सैद्धांतिक रूप से दीर्घकालिक प्रभाव हो सकते हैं, लेकिन सामान्य खान-पान में यह चिंता का विषय नहीं है।
⚫ वैज्ञानिक अध्ययन क्या कहते हैं?
1. यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (EFSA) : 2015 में
कहा था कि एक्रिलामाइड सभी आयु वर्गों में संभावित रूप से कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है, लेकिन यह जोखिम खुराक पर निर्भर करता है।
2. अमेरिकन कैंसर सोसाइटी : अब तक किए गए मानव
अध्ययनों में सामान्य आहार में मौजूद एक्रिलामाइड का किसी विशेष प्रकार के कैंसर से स्पष्ट संबंध नहीं मिला है।
3. भारतीय शोध : भारतीय परिवेश में रोटी को ज्यादातर
हल्का सेंका जाता है, इसलिए एक्रिलामाइड का स्तर बहुत कम होता है।

⚫ सुरक्षित रोटी खाने के लिए टिप्स
👉 रोटी को हल्का और समान रूप से सेंकें
👉 रोटी को बिल्कुल काला या जलाकर न खाएं
👉 संतुलित मात्रा में रोटी का सेवन करें
👉 अधिक जली हुई परत को हटा दें
👉 तंदूरी या गैस पर अधिक देर तक न जलाएं
👉 विविध आहार लें – केवल रोटी पर निर्भर न रहें
निष्कर्ष
डॉ. वर्तिका विश्वानी के जवाब को सरल शब्दों में समझें:
“जली हुई रोटी में संभावित हानिकारक तत्व हो सकता है, लेकिन साधारण, धीमी आंच पर पकी हुई रोटी पूरी तरह से सुरक्षित है। घबराने की जरूरत नहीं है, बस सावधानी बरतें।”
याद रखें, कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाले मुख्य कारक धूम्रपान, शराब, अस्वस्थ जीवनशैली, मोटापा और प्रदूषण हैं। रोटी को हल्का सेंककर खाने से कोई सिद्ध खतरा नहीं है।
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।