
सोशल मीडिया और कुछ न्यूज पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को “हेवी वर्कआउट” और “ठंडे फूड/कोल्ड ड्रिंक्स” से बचना चाहिए, वरना इसका बुरा असर 40–45 वर्ष की उम्र में दिखाई दे सकता है। साथ ही 2–3 दिन आराम करने की सलाह भी दी जा रही है।
लेकिन उपलब्ध मेडिकल और वैज्ञानिक प्रमाणों को देखने पर यह दावा पूरी तरह सही नहीं है। पीरियड्स के दौरान शरीर की जरूरतें हर महिला में अलग हो सकती हैं और केवल ठंडा खाना या सामान्य व्यायाम भविष्य में स्वास्थ्य खराब होने का प्रमाणित कारण नहीं माना जा सकता।
पीरियड्स के दौरान शरीर में क्या होता है?
मासिक धर्म (Menstruation) मासिक चक्र का सामान्य हिस्सा है। इस दौरान गर्भाशय की अंदरूनी परत निकलती है, जिसके कारण रक्तस्राव होता है। कुछ महिलाओं को इस दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द, कमर दर्द, थकान, सिरदर्द, मूड में बदलाव या अन्य लक्षण हो सकते हैं।
पीरियड्स का दर्द मुख्य रूप से गर्भाशय के संकुचन से जुड़ा होता है और इसमें prostaglandins नामक रसायनों की भूमिका होती है। दर्द की तीव्रता हर व्यक्ति में अलग हो सकती है।
क्या पीरियड्स में एक्सरसाइज करना गलत है?
नहीं। सामान्य परिस्थितियों में पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज करना गलत नहीं है।
American College of Obstetricians and Gynecologists (ACOG) के अनुसार नियमित व्यायाम कुछ महिलाओं में पीरियड्स के दर्द को कम करने और बेहतर महसूस करने में मदद कर सकता है। Walking, jogging, cycling और swimming जैसी aerobic activities इसके उदाहरण हैं।
इसलिए यह कहना कि “पीरियड्स के दौरान हर महिला को 2–3 दिन पूरी तरह आराम करना चाहिए” वैज्ञानिक रूप से सामान्य नियम नहीं है।
हालांकि, यदि किसी महिला को बहुत ज्यादा दर्द, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, बहुत अधिक रक्तस्राव या असहजता हो रही है, तो वह अपनी गतिविधि कम कर सकती है और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह ले सकती है।

हेवी वर्कआउट का क्या?
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।
सामान्य या व्यक्ति की क्षमता के अनुसार व्यायाम और बहुत ज्यादा/intense training एक जैसी चीजें नहीं हैं।
यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से exercise करता है और शरीर ठीक महसूस कर रहा है, तो केवल पीरियड्स होने के कारण exercise बंद करना जरूरी नहीं है। लेकिन अत्यधिक training, पर्याप्त भोजन न लेना या शरीर को पर्याप्त recovery न देना कुछ लोगों में menstrual cycle को प्रभावित कर सकता है।
इसलिए सही सलाह है कि अपने शरीर के संकेतों के अनुसार exercise की intensity तय करें, न कि हर महिला के लिए एक ही नियम बना दिया जाए।
क्या पीरियड्स में ठंडा पानी, आइसक्रीम या Cold Drinks नहीं पीना चाहिए?
यह दावा भी सावधानी से समझना जरूरी है।
कुछ observational studies में cold drinks या cold exposure और menstrual pain के बीच association देखी गई है। लेकिन association का मतलब यह नहीं है कि ठंडा पेय पीने से निश्चित रूप से पीरियड्स का दर्द होता है या भविष्य में 40–45 की उम्र में कोई नुकसान होगा। 2024 के एक अध्ययन में स्वयं शोधकर्ताओं ने cold drinks को dysmenorrhea का risk factor मानने के निष्कर्ष के प्रति सावधानी बरतने की बात कही।
2026 के एक अध्ययन में भी beverage consumption और menstrual pain के संबंध को लेकर उपलब्ध evidence को limited और inconsistent बताया गया है।
इसलिए यह कहना कि “पीरियड्स में ठंडा खाना या cold drink पीने से भविष्य में निश्चित रूप से नुकसान होगा” उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों से साबित नहीं होता।
क्या पानी पीना कम कर देना चाहिए?
बिल्कुल नहीं।
पीरियड्स के दौरान पर्याप्त hydration बनाए रखना महत्वपूर्ण है। पानी शरीर में fluid balance बनाए रखने में मदद करता है। NHS भी पानी को hydration के लिए एक स्वस्थ विकल्प मानता है।
एक शोध में menstruation के दौरान अधिक पानी पीने और menstrual pain/discomfort में कमी के बीच संबंध भी पाया गया है, हालांकि इस क्षेत्र में और बेहतर शोध की आवश्यकता है।
इसलिए प्यास लगने पर पानी पीना बंद करना या केवल इसलिए पानी से बचना कि वह ठंडा है—सही सलाह नहीं है।
40–45 वर्ष की उम्र में क्या सचमुच इसका असर दिखाई देता है?
यह वायरल दावे का सबसे महत्वपूर्ण और भ्रामक हिस्सा है।
लगभग 40 के दशक में कुछ महिलाओं में perimenopause (मेनोपॉज़ से पहले का संक्रमणकाल) शुरू हो सकता है। इस दौरान periods की timing, bleeding और अन्य symptoms में बदलाव हो सकते हैं।
लेकिन इन बदलावों को केवल पुराने समय में किए गए exercise या cold drinks के सेवन का परिणाम बताना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है।
मासिक चक्र पर उम्र, hormones, शरीर का वजन, stress, sleep, nutrition, कुछ medical conditions और कई अन्य factors प्रभाव डाल सकते हैं।
पीरियड्स के दौरान क्या करना बेहतर है?
महिलाएं अपनी सुविधा और symptoms के अनुसार:
हल्की या moderate walking कर सकती हैं।
Stretching या yoga कर सकती हैं।
शरीर ठीक महसूस करे तो सामान्य exercise जारी रख सकती हैं।
पर्याप्त पानी और balanced diet ले सकती हैं।
दर्द होने पर गर्म पानी की बोतल या heating pad उपयोग कर सकती हैं।
बहुत ज्यादा दर्द या कमजोरी होने पर exercise की intensity कम कर सकती हैं।
ACOG के अनुसार exercise और heat दोनों period pain को कम करने में मदद कर सकते हैं।

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
अगर period pain इतना ज्यादा हो कि रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हों, periods अचानक बहुत ज्यादा painful या heavy हो जाएं, periods irregular हो जाएं, sex/urination/bowel movement के दौरान दर्द हो या periods के बीच bleeding हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
ACOG के अनुसार बहुत लंबे समय तक चलने वाले या असामान्य bleeding patterns का भी medical evaluation जरूरी हो सकता है।
वायरल पोस्ट में दी गई यह सलाह कि “पीरियड्स के दौरान हेवी वर्कआउट और ठंडी चीजें बिल्कुल न लें, वरना 40–45 की उम्र में नुकसान होगा” एक सामान्य वैज्ञानिक नियम के रूप में सही नहीं है।
पीरियड्स के दौरान exercise करना आम तौर पर सुरक्षित है और कई महिलाओं में दर्द कम करने में मदद कर सकता है। दूसरी ओर, cold drinks और menstrual pain के बीच कुछ observational evidence जरूर मिला है, लेकिन इससे कारण-और-परिणाम (cause and effect) साबित नहीं होता।
सबसे सही तरीका है कि महिला अपने शरीर के संकेतों को समझे, पर्याप्त hydration और nutrition बनाए रखे और असामान्य या गंभीर symptoms होने पर healthcare professional से सलाह ले।
Disclaimer: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह व्यक्तिगत medical diagnosis या treatment का विकल्प नहीं है। किसी महिला को लगातार या बहुत तेज दर्द, असामान्य bleeding या अन्य गंभीर symptoms हों तो डॉक्टर/gynecologist से सलाह लेनी चाहिए।



