
यूके की संसद ने ‘टोबैको ऐंड वेप्स’ बिल पास कर दिया है जिसके तहत 1 जनवरी 2009 या उसके बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति को तंबाकू बेचना हमेशा के लिए प्रतिबंधित होगा। यह विधेयक नवंबर 2024 में पेश किया गया था और सोमवार को संसद की अंतिम मंजूरी मिल गई। वहीं, यह कानून 1 जनवरी 2027 से लागू हो जाएगा।
⚫ ब्रिटेन में ऐतिहासिक कानून: 2009 के बाद जन्मे लोगों के लिए उम्र भर के लिए बैन सिगरेट !
क्या आप जानते हैं कि अब दुनिया का सबसे सख्त तंबाकू कानून ब्रिटेन में लागू हो गया है? ब्रिटेन की संसद ने हाल ही में ‘टोबैको ऐंड वेप्स बिल’ पास कर दिया है, जो तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। इस कानून के तहत, 1 जनवरी 2009 या उसके बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद बेचना हमेशा के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। आइए इस ऐतिहासिक फैसले के बारे में विस्तार से जानते हैं।
⚫ क्या है यह नया कानून?
यह कानून, जिसे आधिकारिक तौर पर “टोबैको ऐंड वेप्स एक्ट 2026” कहा जाता है, ब्रिटेन को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है 5 । इस कानून की सबसे खास बात यह है कि यह उम्र के हिसाब से नहीं, बल्कि जन्म के साल के हिसाब से प्रतिबंध लगाता है।
👉 लागू होने की तिथि: 1 जनवरी 2027 (जिस दिन 2009 में जन्मे बच्चे 18 साल के हो जाएंगे) 1 6
👉 प्रभावी लोगः 1 जनवरी 2009 या उसके बाद जन्मे सभी लोग
👉 प्रतिबंध की अवधिः आजीवन (यानी ये लोग कभी भी वैध रूप से सिगरेट नहीं खरीद सकेंगे)
⚫ किन-किन चीज़ों पर होगा प्रतिबंध?
यह कानून सिर्फ सिगरेट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें तंबाकू से जुड़े कई उत्पादों को शामिल किया गया है :
📍 सिगरेट और हाथ से बनी सिगरेट
📍 सिगार और छोटे सिगार
📍 पाइप तंबाकू
📍 हुक्का तंबाकू
📍 चबाने वाला तंबाकू
📍 हीट नॉट बर्न (हीटिंग तंबाकू)
📍 नसवार (स्नफ)
📍 हर्बल सिगरेट और सिगरेट का कागज
हालांकि, ई-सिगरेट और निकोटीन पाउच इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आते, लेकिन उनके विज्ञापन और मार्केटिंग पर सख्त नियम लागू होंगे
⚫ आखिर ब्रिटेन सरकार ने यह कठोर कदम क्यों उठाया?
ब्रिटेन सरकार का लक्ष्य “स्मोक फ्री जनरेशन” (धूम्रपान मुक्त पीढ़ी) बनाना है। इसके पीछे के आंकड़े बहुत चौंकाने वाले हैं
👉 ब्रिटेन में हर साल लगभग 80,000 लोग धूम्रपान के कारण समय से पहले मर जाते हैं
👉 अकेले इंग्लैंड में, धूम्रपान के कारण हर साल 4 लाख लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है
👉 तंबाकू से होने वाली बीमारियों (कैंसर, हार्ट अटैक आदि) के इलाज पर NHS (राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा) को हर साल 3 अरब पाउंड खर्च करने पड़ते हैं
👉 धूम्रपान से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को हर साल लगभग 21.3 से 27.6 अरब पाउंड का नुकसान होता है
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने इस कानून को “सार्वजनिक स्वास्थ्य के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण” बताया है
⚫ क्या होगा अगर कोई इस कानून का उल्लंघन करता है?
इस कानून में उल्लंघन करने वालों के लिए सखत सजा का
प्रावधान है
👉 पहली बार नियम तोड़ने पर दुकानदार को £200 (लगभग 20,000 रुपये) का तुरंत जुर्माना भरना होगा
👉 इससे अधिक गंभीर मामलों में £2,500 तक का जुर्माना लग सकता है
👉 बार-बार नियम तोड़ने पर जेल की सजा का भी प्रावधान है
👉 महत्वपूर्ण बात यह है कि सिगरेट खरीदने वाले युवाओं पर कोई जुर्माना नहीं होगा, पूरी जिम्मेदारी दुकानदार की होगी
इस कानून को लागू करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने ट्रेडिंग स्टैंडर्ड्स (Trading Standards) को 3 करोड़ पाउंड का अतिरिक्त बजट दिया है और 80 नए अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है
⚫ क्या यह कानून पूरे ब्रिटेन में लागू होगा?
हां, यह कानून पूरे यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड) में लागू होगा। हालांकि, स्कॉटलैंड और वेल्स की संसदों से इसकी औपचारिक सहमति ली गई थी।
⚫ दुकानदारों और आम लोगों के सामने चुनौतियां
हालांकि यह कानून स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके कार्यान्वयन में कई चुनौतियां भी हैं
⚫ 1. उम्र की पहचान करना मुश्किल
👉 एक ही कक्षा में पढ़ने वाले दो दोस्तों में से एक (जिसका जन्म सितंबर 2008 में हुआ) सिगरेट खरीद सकता है, जबकि दूसरा (जनवरी 2009 में जन्मा) नहीं। दुकानदारों के लिए यह अंतर करना बहुत मुश्किल होगा।
⚫ 2. ब्लैक मार्केट (काला बाजार) का डर
👉 विशेषज्ञों को डर है कि इस तरह के सख्त कानून से तंबाकू का अवैध कारोबार बढ़ सकता है, जैसा ऑस्ट्रेलिया में देखने को मिला है
⚫ 3. विदेश से सिगरेट मंगवाना
लोग दूसरे देशों से सिगरेट मंगवा सकते हैं, जिस पर नियंत्रण पाना मुश्किल होगा।
⚫ क्या ब्रिटेन दुनिया का पहला देश है?
नहीं, ब्रिटेन इस तरह का कानून बनाने वाला पहला देश नहीं है। इससे पहले न्यूजीलैंड ने भी ऐसा ही कानून बनाया था, लेकिन बाद में सरकार बदलने पर उसे रद्द कर दिया गया । हालांकि, मालदीव ने नवंबर 2025 में ऐसा कानून लागू कर दिया था। इसके बावजूद, ब्रिटेन का कानून अपने दायरे और सख्ती के मामले में दुनिया के सबसे कड़े कानूनों में से एक है।
⚫ सार्वजनिक स्थानों पर भी बदलाव
इस नए कानून के तहत, अब सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर भी पाबंदी बढ़ा दी गई है
👉 बच्चों के खेलने के मैदान (प्लेग्राउंड)
👉 स्कूलों के आसपास के क्षेत्र
👉 अस्पतालों के बाहरी परिसर
इन जगहों पर अब धूम्रपान करना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
⚫ क्या जनता इस कानून का समर्थन करती है?
जनता की राय इस मामले में बंटी हुई है
👉 लगभग दो-तिहाई (67%) ब्रिटिश नागरिक इस कानून का समर्थन करते हैं
👉 वहीं, करीब एक-तिहाई लोग इसे “व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन” मानते हैं और इसका विरोध करते हैं
ब्रिटेन का यह नया तंबाकू कानून दुनिया भर के लिए एक मिसाल है। यह साबित करता है कि सरकारें अपने नागरिकों, खासकर युवा पीढ़ी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कठोर से कठोर फैसले ले सकती हैं। हालांकि इसके कार्यान्वयन में कई चुनौतियां हैं, लेकिन अगर यह सफल रहा, तो आने वाले समय में हम एक “तंबाकू मुक्त ब्रिटेन” देख सकते हैं।
क्या भारत जैसे देशों को भी ऐसा ही कठोर कानून बनाना चाहिए? अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें!
अस्वीकरण: यह ब्लॉपोस्ट 29 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध
जानकारी पर आधारित है। कानूनों और नियमों में बदलाव हो सकते हैं, कृपया नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों की जांच करें।