
इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League–IPL) आज केवल क्रिकेट का एक लोकप्रिय टूर्नामेंट नहीं रह गया है, बल्कि यह दुनिया के सबसे बड़े और मूल्यवान खेल व्यावसायिक मंचों में शामिल हो चुका है। आईपीएल की लोकप्रियता, टेलीविजन और डिजिटल प्रसारण अधिकार, विज्ञापन, प्रायोजन, टिकटों की बिक्री तथा फ्रेंचाइजी के व्यावसायिक विस्तार ने इसे एक विशाल आर्थिक उद्योग बना दिया है। यही कारण है कि दुनिया भर के बड़े निवेशक और कारोबारी समूह आईपीएल की टीमों में निवेश करने के लिए आकर्षित होते हैं।
अक्टूबर 2026 में अमेरिकी खेल-व्यापार प्रकाशन Sportico द्वारा जारी आईपीएल फ्रेंचाइजी वैल्यूएशन रैंकिंग ने इस व्यावसायिक ताकत को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) लगभग 2.10 अरब अमेरिकी डॉलर के अनुमानित मूल्य के साथ आईपीएल की सबसे मूल्यवान फ्रेंचाइजी है। वहीं, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) 1.85 अरब डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर है।
इस रैंकिंग की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आईपीएल की सभी 10 फ्रेंचाइजी का संयुक्त अनुमानित मूल्य लगभग 17 अरब अमेरिकी डॉलर है। हालांकि, इस आंकड़े को समझने से पहले यह जानना जरूरी है कि फ्रेंचाइजी वैल्यूएशन का अर्थ क्या है और इसे निर्धारित करने के लिए किन आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।
आईपीएल फ्रेंचाइजी वैल्यूएशन क्या होता है ?
फ्रेंचाइजी वैल्यूएशन का अर्थ किसी टीम के संपूर्ण व्यावसायिक कारोबार का अनुमानित आर्थिक मूल्य निर्धारित करना है। इसमें केवल टीम के खिलाड़ियों, ट्रॉफियों या मैदान पर प्रदर्शन को नहीं देखा जाता, बल्कि उसके ब्रांड की पहचान, प्रशंसकों की संख्या, विज्ञापन से होने वाली कमाई, प्रसारण अधिकारों से मिलने वाला हिस्सा, प्रायोजन, टिकट बिक्री और भविष्य में कमाई की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा जाता है।
उदाहरण के लिए, मुंबई इंडियंस की अनुमानित वैल्यूएशन 2.10 अरब डॉलर बताई गई है। इसका अर्थ यह नहीं है कि टीम के बैंक खाते में इतनी रकम मौजूद है या उसने इतनी कमाई की है। इसका अर्थ है कि निर्धारित व्यावसायिक मानकों के आधार पर उसके पूरे फ्रेंचाइजी कारोबार का अनुमानित मूल्य इतना आंका गया है।
इसी प्रकार, वैल्यूएशन और ब्रांड वैल्यू भी अलग-अलग अवधारणाएं हैं। ब्रांड वैल्यू मुख्य रूप से किसी टीम के नाम, पहचान और उससे जुड़ी व्यावसायिक प्रतिष्ठा का मूल्य बताती है, जबकि फ्रेंचाइजी वैल्यूएशन पूरे कारोबार को शामिल करती है।
Sportico की अक्टूबर 2026 की पहली आईपीएल फ्रेंचाइजी वैल्यूएशन रिपोर्ट में टीमों के राजस्व, उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड और खेल व्यवसाय से जुड़े निवेशकों तथा विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारियों का इस्तेमाल किया गया है। इसमें एंटरप्राइज वैल्यू और राजस्व के अनुपात को भी महत्व दिया गया है।
IPL 2026 की सभी 10 फ्रेंचाइजी की वैल्यूएशन रैंकिंग
Sportico की 2026 की रैंकिंग के अनुसार सभी 10 आईपीएल टीमों का अनुमानित मूल्य इस प्रकार है:

1. मुंबई इंडियंस: 2.10 अरब डॉलर के साथ पहले स्थान पर
मुंबई इंडियंस लगभग 2.10 अरब डॉलर की अनुमानित वैल्यूएशन के साथ पहले स्थान पर है। इस फ्रेंचाइजी का स्वामित्व रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े समूह के पास है।
टीम ने आईपीएल में पांच बार खिताब जीतकर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। रोहित शर्मा, सचिन तेंदुलकर और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों के साथ उसका इतिहास भी उसकी लोकप्रियता में योगदान देता है।
मुंबई एक बड़ा व्यावसायिक बाजार है। इसके अतिरिक्त मजबूत प्रायोजन नेटवर्क, व्यापक प्रशंसक आधार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड की पहचान भी इसकी व्यावसायिक स्थिति को मजबूत बनाते हैं।
2. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: 1.85 अरब डॉलर
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 1.85 अरब डॉलर की वैल्यूएशन के साथ दूसरे स्थान पर है। विराट कोहली की लोकप्रियता, मजबूत प्रशंसक आधार और टीम की व्यावसायिक पहचान इसकी प्रमुख ताकतों में शामिल हैं।
2026 में आरसीबी के स्वामित्व से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कारोबारी सौदा भी सामने आया। आदित्य बिड़ला समूह, टाइम्स समूह, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन से जुड़े निवेशकों के कंसोर्टियम ने रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए लगभग 1.78 अरब डॉलर का सौदा किया। इस कंपनी के अंतर्गत पुरुष आईपीएल टीम के साथ महिला प्रीमियर लीग की टीम भी शामिल है।
इसलिए इस सौदे की कीमत को केवल पुरुष आईपीएल फ्रेंचाइजी की स्वतंत्र कीमत मानना सही नहीं होगा।
3. चेन्नई सुपर किंग्स: 1.75 अरब डॉलर
चेन्नई सुपर किंग्स लगभग 1.75 अरब डॉलर की वैल्यूएशन के साथ तीसरे स्थान पर है।
एमएस धोनी के नेतृत्व और टीम के लगातार मजबूत प्रदर्शन ने चेन्नई सुपर किंग्स को आईपीएल की सबसे लोकप्रिय फ्रेंचाइजी में शामिल किया है। इसकी व्यावसायिक पहचान केवल चेन्नई या तमिलनाडु तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में इसका बड़ा प्रशंसक वर्ग मौजूद है।
टीम की निरंतर लोकप्रियता, प्रायोजन और मजबूत ब्रांड पहचान इसकी आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
4. कोलकाता नाइट राइडर्स: 1.73 अरब डॉलर
कोलकाता नाइट राइडर्स 1.73 अरब डॉलर की अनुमानित वैल्यूएशन के साथ चौथे स्थान पर है।
शाहरुख खान से जुड़ी इस फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता क्रिकेट के साथ-साथ मनोरंजन उद्योग में भी दिखाई देती है। टीम ने आईपीएल में तीन बार खिताब जीता है। मजबूत प्रशंसक आधार, व्यावसायिक साझेदारियां और ब्रांड की व्यापक पहचान इसे एक मूल्यवान खेल व्यवसाय बनाती हैं।

5. दिल्ली कैपिटल्स: 1.70 अरब डॉलर
दिल्ली कैपिटल्स लगभग 1.70 अरब डॉलर के मूल्य के साथ पांचवें स्थान पर है। दिल्ली देश की राजधानी होने के कारण एक बड़े व्यावसायिक और दर्शक बाजार का प्रतिनिधित्व करती है।
फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता, प्रायोजन, खिलाड़ियों की ब्रांड पहचान और व्यावसायिक साझेदारियां इसकी वैल्यूएशन को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं।
6. राजस्थान रॉयल्स: 1.65 अरब डॉलर
राजस्थान रॉयल्स लगभग 1.65 अरब डॉलर के साथ छठे स्थान पर है। यह टीम 2008 में आईपीएल का पहला खिताब जीतकर चर्चा में आई थी।
2026 में राजस्थान रॉयल्स के स्वामित्व से संबंधित एक बड़ा अधिग्रहण सौदा भी सामने आया, जिसमें लक्ष्मी मित्तल और अदार पूनावाला से जुड़े निवेशकों की भागीदारी रही। यह सौदा आईपीएल फ्रेंचाइजी में बढ़ती निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाता है।
7. सनराइजर्स हैदराबाद: 1.62 अरब डॉलर
सनराइजर्स हैदराबाद लगभग 1.62 अरब डॉलर की वैल्यूएशन के साथ सातवें स्थान पर है।
यह फ्रेंचाइजी 2013 में आईपीएल में शामिल हुई थी और 2016 में पहली बार खिताब जीतने में सफल रही। टीम की पहचान मजबूत गेंदबाजी, आक्रामक बल्लेबाजी और अपने प्रशंसक आधार के कारण बनी है। इसके अतिरिक्त प्रायोजन और व्यावसायिक गतिविधियां भी इसकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करती हैं।
8. गुजरात टाइटंस: 1.58 अरब डॉलर
गुजरात टाइटंस लगभग 1.58 अरब डॉलर की अनुमानित वैल्यूएशन के साथ आठवें स्थान पर है।
गुजरात टाइटंस ने 2022 में आईपीएल में पदार्पण किया और अपने पहले ही सीजन में खिताब जीतकर इतिहास बनाया। अपेक्षाकृत नई फ्रेंचाइजी होने के बावजूद टीम ने मजबूत प्रशंसक आधार और व्यावसायिक पहचान विकसित की है।
9. पंजाब किंग्स: 1.53 अरब डॉलर
पंजाब किंग्स 1.53 अरब डॉलर की वैल्यूएशन के साथ नौवें स्थान पर है।
इस टीम की पहचान उसके आक्रामक क्रिकेट, खिलाड़ियों और प्रशंसकों के साथ मजबूत जुड़ाव से बनी है। टीम के व्यावसायिक राजस्व में प्रायोजन, टिकट बिक्री और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की भूमिका होती है।
10. लखनऊ सुपर जायंट्स: 1.50 अरब डॉलर
लखनऊ सुपर जायंट्स लगभग 1.50 अरब डॉलर की वैल्यूएशन के साथ दसवें स्थान पर है।
यह फ्रेंचाइजी भी 2022 में आईपीएल का हिस्सा बनी थी। इस रैंकिंग में इसका स्थान सबसे नीचे है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि टीम आर्थिक रूप से कमजोर या घाटे में है। सभी 10 फ्रेंचाइजी की अनुमानित वैल्यूएशन कम से कम 1.50 अरब डॉलर है, जो आईपीएल के व्यावसायिक विस्तार को दर्शाती है।
आईपीएल की कमाई का सबसे बड़ा आधार क्या है ?
आईपीएल फ्रेंचाइजी की वैल्यूएशन समझने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मीडिया राइट्स सौदे को समझना भी जरूरी है।
15 जून 2022 को बीसीसीआई ने घोषणा की थी कि 2023 से 2027 तक के आईपीएल मीडिया राइट्स कुल 48,390.32 करोड़ रुपये में बेचे गए। यह पांच वर्षों के लिए किया गया मीडिया अधिकारों का समझौता था।
Sportico के विश्लेषण के अनुसार, औसतन किसी आईपीएल फ्रेंचाइजी की लगभग 75 प्रतिशत आय केंद्रीय वितरण से आती है। इस केंद्रीय आय का बड़ा आधार मीडिया अधिकार और लीग स्तर पर होने वाली व्यावसायिक कमाई है।
Sportico के मुताबिक, बीसीसीआई मीडिया राइट्स की फीस में से उत्पादन लागत के बाद लगभग आधा हिस्सा अपने पास रखता है। शेष राशि और लीग की अन्य आय में से लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा फ्रेंचाइजी में बराबर बांटा जाता है, जबकि 10 प्रतिशत प्रदर्शन के आधार पर दिया जाता है। यह Sportico द्वारा प्रस्तुत वितरण मॉडल का अनुमान है, न कि बीसीसीआई की ओर से जारी किसी नए वितरण नियम की घोषणा।
इसके अलावा टीमों की अपनी कमाई के कई स्रोत हैं:
टीम स्पॉन्सरशिप: जर्सी, हेलमेट और अन्य प्रचार माध्यमों पर विज्ञापन।
टिकट बिक्री: घरेलू मैचों के दौरान स्टेडियम में दर्शकों से प्राप्त आय।
मर्चेंडाइजिंग: टीम की जर्सी, कैप और अन्य आधिकारिक उत्पादों की बिक्री।
डिजिटल कमाई: सोशल मीडिया, डिजिटल प्रचार और प्रशंसकों से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियां।
इन सभी स्रोतों के कारण आईपीएल टीमें केवल क्रिकेट खेलने वाली संस्थाएं नहीं, बल्कि व्यापक खेल और मनोरंजन व्यवसाय के रूप में विकसित हुई हैं।
Sportico की रिपोर्ट में 22.9 गुना रेवेन्यू मल्टीपल का क्या अर्थ है ?
Sportico की रिपोर्ट का एक और महत्वपूर्ण निष्कर्ष आईपीएल का औसत रेवेन्यू मल्टीपल है, जो 22.9 गुना बताया गया है। इसके अनुसार, 2026 सीजन में एक आईपीएल फ्रेंचाइजी का औसत अनुमानित राजस्व लगभग 7.44 करोड़ नहीं, बल्कि 7.44 करोड़ अमेरिकी डॉलर (74.4 मिलियन डॉलर) था।
रेवेन्यू मल्टीपल का अर्थ है कि किसी व्यवसाय की अनुमानित वैल्यूएशन उसके सालाना राजस्व की तुलना में कितनी है। उदाहरण के लिए, यदि किसी टीम का सालाना राजस्व 10 करोड़ रुपये है और उसकी वैल्यूएशन 100 करोड़ रुपये है, तो उसका रेवेन्यू मल्टीपल 10 गुना होगा।
Sportico के अनुसार, आईपीएल का औसत मल्टीपल NBA (14.6 गुना), NFL (12.7 गुना), NHL (9.4 गुना) और MLB (7.2 गुना) से अधिक है। इससे पता चलता है कि निवेशक आईपीएल की वर्तमान कमाई के साथ-साथ भविष्य में उसकी व्यावसायिक वृद्धि की संभावनाओं को भी काफी महत्व देते हैं।

क्या आईपीएल की कुल वैल्यूएशन 17 अरब डॉलर ही है ?
इस विषय में एक महत्वपूर्ण अंतर समझना आवश्यक है। Sportico ने आईपीएल की 10 फ्रेंचाइजी का संयुक्त अनुमानित मूल्य लगभग 17 अरब डॉलर बताया है। दूसरी ओर, निवेश बैंक Houlihan Lokey की जुलाई 2026 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पूरे आईपीएल के व्यावसायिक मूल्य (Business Enterprise Value) का अनुमान 20.6 अरब डॉलर था।
इसी रिपोर्ट में आईपीएल के स्वतंत्र ब्रांड मूल्य को 4.3 अरब डॉलर आंका गया था।
इन दोनों आंकड़ों में अंतर का कारण अलग-अलग मूल्यांकन पद्धतियां और मूल्यांकन का दायरा है। 17 अरब डॉलर का आंकड़ा Sportico की फ्रेंचाइजी वैल्यूएशन का योग है, जबकि 20.6 अरब डॉलर पूरे आईपीएल के व्यावसायिक मूल्य का अलग अनुमान है। इसलिए दोनों आंकड़ों को एक-दूसरे का विकल्प या एक ही रिपोर्ट का परिणाम नहीं समझना चाहिए।



