
पटना के कोचिंग फायरिंग विवाद ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। दो जून को पटना के मुसल्लापुर हाट इलाके में खान ग्लोबल स्टडीज़ (KGS) और ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के बीच हुए झगड़े ने पूरे देश का ध्यान खींचा। इस विवाद में एक इंसान की मौत ने मामले को और गंभीर बना दिया है। इस बीच, एजुकेशन इंफ्लुएंसर और फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडे का एक बयान सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान खींचा है। आइए, इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं।
⚫ क्या है पूरा मामला?
कोचिंग के बीच यह विवाद बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर बढ़ा। दोनों कोचिंग संस्थानों ने अपने-अपने छात्रों की सफलता का जश्न मनाने की योजना बनाई थी, लेकिन यह मामला प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया। आरोप है कि ज्ञान बिंदु की ओर से लगाए गए एक पोस्टर को फाड़ दिया गया, जिसके बाद तनाव बढ़ गया
इसके बाद हिंसा भड़क गई। खान सर की कोचिंग के बाहर कथित तौर पर हमला किया गया, साइनबोर्ड तोड़े गए और एक सुरक्षा गार्ड को बुरी तरह पीटा गया । खान सर ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके कोचिंग सेंटर के बाहर फायरिंग भी की। इस पूरे मामले में ज्ञान बिंदु के संचालक रौशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उनके भाई प्रिंस आनंद और कुछ अन्य लोग नेपाल भाग गए
⚫ खान सर और रौशन आनंद विवाद में किसके साथ हैं फिज़िक्स वाला के अलख पांडे?
कोचिंग फायरिंग विवाद में एक-दूसरे से भिड़े खान सर और रौशन आनंद के मामले में फिज़िक्स वाला के निदेशक अलख पांडे ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “एक इंसान देश के लिए इतना कुछ कर रहा है, उसने शिक्षा काफी सस्ती कर दी… उसे क्या परिणाम मिला…मेरे भाई में कमी निकल गई तो दे देना सज़ा… हम खान सर के साथ हैं।”
⚫ रौशन आनंद के भाई की मौत ने पलटा समीकरण
14 जून को मामले ने एक दुखद मोड़ लिया। रौशन आनंद के भाई, प्रिंस आनंद उर्फ प्रिंस यादव, की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना उसी दिन हुई जब रौशन आनंद को जमानत मिली। जेल से बाहर आने के बाद रौशन आनंद ने खान सर पर अपने भाई की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। इस आरोप ने मामले को और गर्म कर दिया।
⚫ अलख पांडे ने दिया बड़ा बयान, किसके साथ हैं?
इस पूरे विवाद के बीच, जब सोशल मीडिया पर खान सर के समर्थन में लगातार मांग उठ रही थी, तब फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडे ने एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ-साफ कहा कि वे खान सर के साथ खड़े हैं ।
अलख पांडे ने अपने वीडियो में कहा कि उनसे लगातार कहा जा रहा था कि वे खान सर के बारे में कुछ बोलें। उन्होंने भावुक होकर कहा, “एक बात बताइए, आपके घर में आपका भाई होगा… उसके ऊपर कुछ बात आएगी तो आप खड़े होकर वीडियो बनाएंगे या उसकी मदद करने की कोशिश करेंगे?

⚫ खान सर के योगदान को सलाम
अलख पांडे ने खान सर के शिक्षा के क्षेत्र में योगदान की तारीफ करते हुए कहा कि “एक इंसान देश के लिए इतना कुछ कर रहा है, उसने शिक्षा काफी सस्ती कर दी… पिछले पांच साल से यूट्यूब पर, सोशल मीडिया पर, बिल्कुल सस्ती शिक्षा दी”। उन्होंने आगे कहा कि खान सर का कर्तव्य नहीं था कि वे बिहार में जाकर सस्ता इलाज करें, लेकिन उन्होंने वह भी किया। “आज परिणाम क्या मिलता है? कि फैजल खान ने ये किया तो फैजल खान ने वो किया,” अलख पांडे ने कहा ।
⚫ निष्पक्ष जांच की मांग और सजा की बात
अलख पांडे ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अंधे समर्थन में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि “हम लोग यही बात कर रहे थे कि जो भी चीज है, जो भी सच्चाई है वो सामने आए। निष्पक्ष जांच हो जाए… कहीं मेरे भाई (खान सर) में कमी आती है तो दे देना सजा”
रौशन आनंद के भाई की मौत पर दुख जताते हुए अलख पांडे ने कहा कि जो हुआ वह बहुत दुखद है और इस मामले में पुलिस-प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “जिसका भी नाम आए फांसी पर लटकाया जाए… उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो” ।
रौशन आनंद के भाई की मौत पर दुख जताते हुए अलख पांडे ने कहा कि जो हुआ वह बहुत दुखद है और इस मामले में पुलिस-प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा,
जिसका भी नाम आए फांसी पर लटकाया जाए… उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
⚫ विवाद का अब तक का सफर
इस पूरे मामले में पटना की अदालत ने खान सर को राहत देते हुए शस्त्र अधिनियम के मामले में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। वहीं, रौशन आनंद को भी जमानत मिल गई थी। पुलिस ने घटना में शामिल दो सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार किया था और उनके हथियारों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा था।

निष्कर्ष
पटना कोचिंग फायरिंग विवाद में अलख पांडे का बयान काफी
महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट रूप से खान सर का समर्थन
किया है, लेकिन साथ ही निष्पक्ष जांच और दोषी को कड़ी
सजा देने की बात भी कही है। यह मामला अब अदालत में है
और पुलिस जांच कर रही है। उम्मीद की जानी चाहिए कि जल्द
ही सच्चाई सामने आएगी और दोषी को सजा मिलेगी।
अस्वीकरण: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों पर आधारित है। मामला विचाराधीन है और अंतिम फैसला अदालत द्वारा किया जाएगा।