Friday, 11 September 202620:31 IST

भारत में अगस्त 2026 ने तोड़ा 125 साल का गर्मी का रिकॉर्ड: 1901 के बाद सबसे गर्म अगस्त क्यों रहा?

Updated: 02 Sep 2026, 01:24 IST · By Yk Pasha · 1 min read
भारत में अगस्त 2026 ने तोड़ा 125 साल का गर्मी का रिकॉर्ड: 1901 के बाद सबसे गर्म अगस्त क्यों रहा?
Advertisement
File 000000004e1c8208b1a228478f7cd9046868909512118920615 1024x683

भारत में अगस्त का महीना आमतौर पर मानसून, बादलों और बारिश के लिए जाना जाता है। लेकिन अगस्त 2026 में देश ने मौसम के एक बेहद असामान्य रिकॉर्ड का सामना किया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगस्त 2026 भारत में 1901 में शुरू हुए तापमान रिकॉर्ड के बाद सबसे गर्म अगस्त रहा। देश का औसत औसत तापमान 28.01°C दर्ज किया गया, जो 1991–2020 के सामान्य औसत से लगभग 0.67°C अधिक था।
यह रिकॉर्ड केवल दिन के तापमान की वजह से नहीं बना। इस बार रातें भी असामान्य रूप से गर्म रहीं, जिससे पूरे महीने का औसत तापमान काफी ऊपर चला गया।

अगस्त 2026 में कितनी गर्मी रही?
IMD के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में देश का औसत न्यूनतम तापमान 24.36°C रहा, जबकि सामान्य औसत न्यूनतम तापमान लगभग 23.68°C है। यानी रात का तापमान सामान्य से करीब 0.68°C अधिक रहा और यह अगस्त के लिए 1901 के बाद सबसे अधिक था।
वहीं औसत अधिकतम तापमान 31.66°C रहा, जो 1901 के बाद अगस्त के लिए चौथा सबसे अधिक था। इसका अर्थ है कि रिकॉर्ड गर्मी का सबसे बड़ा योगदान रात के असामान्य रूप से गर्म रहने से आया।

प्रमुख आंकड़े
मापदंड अगस्त 2026
औसत तापमान 28.01°C
सामान्य औसत तापमान 27.34°C
तापमान विसंगति +0.67°C
औसत न्यूनतम तापमान 24.36°C
सामान्य न्यूनतम तापमान 23.68°C
अगस्त की बारिश 213.3 मिमी
सामान्य से बारिश की कमी लगभग 16.3%

सबसे बड़ी वजह क्या रही?
इस असामान्य गर्मी के पीछे कई मौसम संबंधी कारण रहे। इनमें सबसे महत्वपूर्ण रहे:

1. कमजोर और असमान मानसून
2. अल नीनो (El Niño) का प्रभाव
3. समुद्र की सतह का सामान्य से अधिक गर्म होना
4. रात के तापमान का लगातार ऊंचा रहना
5. देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश

IMD के अनुसार, अगस्त 2026 में भारत में बारिश सामान्य से लगभग 16.3% कम रही। देश को अगस्त में करीब 213.3 मिमी बारिश मिली, जो 2001 के बाद अगस्त के लिए सातवीं सबसे कम मात्रा रही।

अल नीनो ने कैसे बढ़ाई परेशानी?
इस पूरे घटनाक्रम में अल नीनो (El Niño) एक महत्वपूर्ण कारक है।
अल नीनो एक समुद्री-वायुमंडलीय घटना है, जिसमें भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है।
प्रशांत महासागर के इस तापमान परिवर्तन का प्रभाव दुनिया के कई हिस्सों के मौसम पर पड़ सकता है। भारत में इसका संबंध अक्सर मानसून की कमजोरी और बारिश के वितरण में बदलाव से देखा जाता है।
अगस्त 2026 के दौरान भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से ऊपर था और IMD ने उस समय मध्यम से मजबूत/मजबूत El Niño परिस्थितियों की जानकारी दी थी।
IMD के अनुसार, अल नीनो की वजह से मानसूनी गतिविधियों पर असर पड़ा और देश के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रही।

बारिश कम होने से तापमान क्यों बढ़ता है?
यह समझना काफी महत्वपूर्ण है।
जब किसी क्षेत्र में पर्याप्त बारिश होती है, तो वातावरण में मौजूद पानी और मिट्टी की नमी का एक हिस्सा वाष्पीकरण में इस्तेमाल होता है। इससे उपलब्ध ऊर्जा का कुछ हिस्सा पानी को वाष्प में बदलने में खर्च होता है।
लेकिन जब बारिश कम होती है और मिट्टी सूखने लगती है, तो यह प्राकृतिक ठंडक कम हो सकती है। परिणामस्वरूप सतह और वातावरण अधिक गर्म हो सकते हैं।
अगस्त 2026 में भी यही स्थिति कई क्षेत्रों में देखने को मिली। IMD के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, लेकिन कई अन्य हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रही और वहां तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहा।

Screenshot 20260901 1701195961335113868387809 1024x594

रातें इतनी गर्म क्यों रहीं?
इस रिकॉर्ड की सबसे महत्वपूर्ण बात रात के तापमान का बढ़ना है।
आम तौर पर दिन में सूर्य की गर्मी बढ़ती है और रात में पृथ्वी की सतह कुछ हद तक ठंडी होती है। लेकिन जब रात का तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहता है, तो शरीर और वातावरण को ठंडा होने का पर्याप्त समय नहीं मिलता।
अगस्त 2026 में भारत का औसत न्यूनतम तापमान 24.36°C रहा, जो अगस्त के लिए 1901 के बाद सबसे अधिक था।
इसका सीधा असर लोगों के आराम और नींद पर भी पड़ सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां रात में तापमान के साथ आर्द्रता भी अधिक रहती है।

क्या पूरे भारत में एक जैसी गर्मी थी?

नहीं। पूरे देश में तापमान का प्रभाव एक जैसा नहीं था।

अलग-अलग क्षेत्रों में अगस्त का तापमान रिकॉर्ड अलग रहा। उपलब्ध IMD-आधारित रिपोर्टों के अनुसार:

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगस्त दूसरा सबसे गर्म रहा।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगस्त तीसरा सबसे गर्म रहा।

उत्तर-पश्चिम भारत में अगस्त पांचवां सबसे गर्म रहा।

इससे स्पष्ट है कि राष्ट्रीय औसत रिकॉर्ड के पीछे अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग मौसम परिस्थितियां काम कर रही थीं।

मानसून पर भी पड़ा असर
गर्मी का यह रिकॉर्ड ऐसे समय में आया जब देश का मानसून भी असमान रहा।
अगस्त में बारिश में 16.3% की कमी दर्ज की गई। जून से अगस्त के अंत तक देश की संचयी मानसूनी बारिश भी सामान्य से कम रही।
अगस्त में चार कम दबाव वाले मौसम तंत्र बने और वे कुल मिलाकर लगभग 26 दिनों तक सक्रिय रहे, लेकिन उनकी बारिश मुख्य रूप से इंडो-गैंगेटिक प्लेन क्षेत्र तक अधिक सीमित रही। इससे देश के कई अन्य हिस्सों में बारिश की कमी बनी रही।

सितंबर में क्या स्थिति रह सकती है?
IMD ने सितंबर 2026 में भी देश के लिए सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है। सितंबर की बारिश दीर्घकालिक औसत (LPA) के 91% से कम रहने की संभावना बताई गई है। सितंबर का LPA लगभग 167.9 मिमी है।
इसका अर्थ है कि मानसून के अंतिम महीने में भी बारिश कमजोर रहने पर देश के कई हिस्सों में जल उपलब्धता, कृषि और मिट्टी की नमी पर दबाव बढ़ सकता है।

किसानों और कृषि पर क्या असर पड़ सकता है?
कम बारिश और अधिक तापमान का कृषि पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
विशेष रूप से वे फसलें प्रभावित हो सकती हैं जिन्हें मानसून के दौरान पर्याप्त वर्षा और मिट्टी की नमी की आवश्यकता होती है। यदि सितंबर में भी बारिश कम रहती है, तो खरीफ फसलों के विकास पर असर पड़ सकता है।
साथ ही, मिट्टी में पर्याप्त नमी न होने से रबी फसलों की शुरुआती तैयारी पर भी प्रभाव पड़ सकता है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश की कमी कपास, सोयाबीन, मक्का और दलहन जैसी खरीफ फसलों के लिए चिंता बढ़ा सकती है।

क्या यह जलवायु परिवर्तन का संकेत है?
अगस्त 2026 का रिकॉर्ड निश्चित रूप से असामान्य तापमान की एक महत्वपूर्ण घटना है, लेकिन किसी एक महीने के रिकॉर्ड को अकेले जलवायु परिवर्तन का प्रत्यक्ष प्रमाण कहना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं होगा।

हालांकि, भारत के दीर्घकालिक तापमान रिकॉर्ड में गर्म परिस्थितियों की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है। उदाहरण के लिए, IMD के अनुसार 2025 भारत का आठवां सबसे गर्म वर्ष था और 2024 अब तक का सबसे गर्म वर्ष रहा था।

इसलिए अगस्त 2026 की घटना को दीर्घकालिक तापमान परिवर्तन, मानसून में बदलाव और वैश्विक जलवायु प्रणाली में हो रहे परिवर्तनों के व्यापक संदर्भ में देखना अधिक उचित है।

File 00000000e78c82088c52675f7b7f9cb51062771772846033732 1024x683

अगस्त 2026 भारत के मौसम इतिहास में एक महत्वपूर्ण महीना बन गया है। IMD के अनुसार, 1901 से उपलब्ध रिकॉर्ड में यह भारत का सबसे गर्म अगस्त रहा। देश का औसत तापमान 28.01°C पहुंच गया, जबकि औसत न्यूनतम तापमान 24.36°C रहा—जो अगस्त के लिए अब तक का सबसे अधिक स्तर था।

इस असामान्य गर्मी के पीछे कम और असमान मानसूनी बारिश, गर्म रातें तथा भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में El Niño परिस्थितियां प्रमुख कारकों में शामिल रहीं।

यह रिकॉर्ड केवल तापमान का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह भी बताता है कि मानसून, समुद्री तापमान और वायुमंडलीय परिस्थितियों में बदलाव किस तरह भारत के मौसम को प्रभावित कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख IMD तथा उपलब्ध विश्वसनीय समाचार स्रोतों में प्रकाशित आंकड़ों और रिपोर्टों पर आधारित है। मौसम की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं, इसलिए स्थानीय मौसम संबंधी निर्णयों के लिए IMD की आधिकारिक चेतावनियों को प्राथमिकता दें।

About The Author

Contact Us

कोई सुझाव, खबर या correction भेजना चाहते हैं? हमें संदेश भेजें।