Friday, 11 September 202619:06 IST

पेशाब में झाग या फोम: क्या यह किडनी डैमेज का संकेत हो सकता है? डायबिटीज और हाई BP वाले लोग जरूर जानें

Updated: 26 Aug 2026, 02:44 IST · By Yk Pasha · 1 min read
पेशाब में झाग या फोम: क्या यह किडनी डैमेज का संकेत हो सकता है? डायबिटीज और हाई BP वाले लोग जरूर जानें
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पेशाब में कभी-कभी झाग दिखाई देना सामान्य भी हो सकता है, लेकिन अगर बार-बार या लगातार पेशाब में झाग/फोम दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर उन लोगों को सावधान रहना चाहिए जिन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या पहले से किडनी से जुड़ी समस्या है।

पेशाब में लगातार झाग बनने का एक महत्वपूर्ण कारण पेशाब में प्रोटीन, विशेषकर एल्ब्यूमिन, का बढ़ना हो सकता है। इसे एल्ब्यूमिन्यूरिया (Albuminuria) कहा जाता है। डायबिटीज में किडनी की छोटी रक्त वाहिकाओं पर लंबे समय तक बढ़ी हुई ब्लड शुगर का असर पड़ सकता है और समय के साथ किडनी की फिल्टर करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

पेशाब में झाग क्यों बनता है?
किडनी हमारे खून को फिल्टर करके शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को पेशाब के माध्यम से बाहर निकालती है। सामान्य स्थिति में महत्वपूर्ण प्रोटीन शरीर में ही बने रहते हैं।

जब किडनी के फिल्टर यानी ग्लोमेरुली को नुकसान पहुंचता है, तो प्रोटीन पेशाब में आने लग सकता है। अधिक मात्रा में प्रोटीन आने पर पेशाब में झाग दिखाई दे सकता है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि हर बार झागदार पेशाब का मतलब किडनी खराब होना नहीं है। पेशाब का तेज दबाव, शरीर में पानी की कमी या अन्य अस्थायी कारणों से भी झाग बन सकता है।

इसलिए केवल पेशाब देखकर किडनी डैमेज का निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।

डायबिटीज में किडनी को क्यों खतरा रहता है?
लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ी रहने पर शरीर की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। किडनी में मौजूद छोटे-छोटे फिल्टर भी इस नुकसान से प्रभावित हो सकते हैं।

इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर भी किडनी को नुकसान पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। डायबिटीज और हाई BP दोनों साथ होने पर किडनी की बीमारी का जोखिम और बढ़ सकता है।

इसी कारण डायबिटीज वाले लोगों में किडनी की जांच केवल लक्षण आने पर नहीं, बल्कि नियमित रूप से कराना महत्वपूर्ण माना जाता है।

पेशाब में प्रोटीन किडनी की शुरुआती चेतावनी क्यों हो सकता है?
किडनी की बीमारी की शुरुआत में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देता। व्यक्ति बिल्कुल सामान्य महसूस कर सकता है, जबकि पेशाब में एल्ब्यूमिन की मात्रा बढ़ना शुरू हो चुकी हो।

NIDDK के अनुसार, डायबिटीज से जुड़ी किडनी बीमारी में एल्ब्यूमिन्यूरिया शुरुआती संकेतों में से एक हो सकता है।

इसीलिए पेशाब में लगातार बदलाव दिखाई देने पर जांच कराना महत्वपूर्ण है।

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
इन लोगों को पेशाब में लगातार झाग दिखाई देने पर विशेष ध्यान देना चाहिए—

– डायबिटीज वाले लोग
– हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
– पहले से किडनी की बीमारी वाले लोग
– परिवार में किडनी रोग का इतिहास रखने वाले लोग
– हृदय संबंधी बीमारी वाले लोग
– लंबे समय से अनियंत्रित ब्लड शुगर वाले लोग

विशेष रूप से डायबिटीज वाले लोगों में नियमित किडनी स्क्रीनिंग की सलाह दी जाती है। 2026 के ADA Standards के अनुसार, टाइप-2 डायबिटीज वाले सभी लोगों में कम से कम सालाना UACR और eGFR की जांच की जानी चाहिए। टाइप-1 डायबिटीज में सामान्यतः निदान के 5 वर्ष बाद से नियमित स्क्रीनिंग की जाती है।

कौन-सी जांच कराई जाती है?
यदि डॉक्टर को किडनी की समस्या का संदेह हो, तो कई तरह की जांच की जा सकती हैं।

1. Urine Albumin-to-Creatinine Ratio — UACR
यह पेशाब में एल्ब्यूमिन की मात्रा पता करने की महत्वपूर्ण जांच है।

ADA के अनुसार:
– 30 mg/g से कम — सामान्य से लेकर mildly increased
– 30 से <300 mg/g — moderately increased
– 300 mg/g या उससे अधिक — severely increased

लेकिन केवल एक असामान्य रिपोर्ट से हमेशा किडनी की बीमारी का अंतिम निदान नहीं किया जाता। UACR में प्राकृतिक उतार-चढ़ाव हो सकता है और कुछ स्थितियां, जैसे संक्रमण, बुखार, व्यायाम, बहुत ज्यादा ब्लड शुगर या हाई BP, परिणाम को प्रभावित कर सकती हैं।

2. Serum Creatinine और eGFR
ब्लड टेस्ट से creatinine मापा जाता है और उसके आधार पर eGFR का अनुमान लगाया जाता है। इससे डॉक्टर को यह समझने में मदद मिलती है कि किडनी कितनी अच्छी तरह फिल्टर कर रही है।

किडनी की बीमारी का आकलन केवल एक टेस्ट से नहीं बल्कि पूरी रिपोर्ट, समय के साथ बदलाव और व्यक्ति की अन्य स्वास्थ्य स्थितियों को देखकर किया जाता है।

क्या झागदार पेशाब हमेशा किडनी खराब होने का संकेत है?
यह एक बहुत महत्वपूर्ण बात है। पेशाब में झाग कई सामान्य कारणों से भी दिखाई दे सकता है। उदाहरण के लिए, तेज धार से पेशाब करने पर अस्थायी रूप से झाग बन सकता है।

इसलिए केवल झाग देखकर यह कहना कि “किडनी खराब हो रही है” वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा।

चिंता तब अधिक होती है जब झाग बार-बार या लगातार दिखाई दे, खासकर जब व्यक्ति को डायबिटीज या हाई BP भी हो। ऐसे मामलों में डॉक्टर से सलाह लेकर urine test और kidney function test कराना बेहतर है।

किडनी को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
किडनी की सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम उन कारणों को नियंत्रित करना है जो किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें

डायबिटीज में ब्लड ग्लूकोज का अच्छा नियंत्रण किडनी की बीमारी के जोखिम को कम करने और उसकी प्रगति को धीमा करने में मदद कर सकता है।

ब्लड प्रेशर पर नजर रखें

हाई BP किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए डॉक्टर द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार BP को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण है।

नियमित जांच कराएं

डायबिटीज वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से UACR और eGFR जैसी जांच करानी चाहिए। इससे किडनी में होने वाले बदलावों को शुरुआती स्तर पर पहचानने में मदद मिल सकती है।

दवाएं खुद से बंद या शुरू न करें

किडनी की बीमारी, डायबिटीज और हाई BP में दवाओं का चुनाव व्यक्ति की किडनी की स्थिति और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं पर निर्भर करता है। इसलिए कोई भी दवा, दर्द की गोली या सप्लीमेंट लंबे समय तक लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि पेशाब में लगातार झाग के साथ निम्न में से कोई समस्या हो, तो चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए:

– पैरों या चेहरे पर सूजन
– पेशाब की मात्रा में स्पष्ट बदलाव
– पेशाब में खून
– बहुत ज्यादा थकान
– सांस फूलना
– लगातार हाई BP
– अचानक शरीर में सूजन या वजन बढ़ना
– डायबिटीज का लंबे समय तक अनियंत्रित रहना

ये लक्षण कई अलग-अलग स्थितियों में हो सकते हैं, इसलिए स्वयं बीमारी का निष्कर्ष निकालने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

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सबसे जरूरी बात

पेशाब में कभी-कभार झाग दिखाई देना अपने आप में किडनी खराब होने का प्रमाण नहीं है। लेकिन लगातार झागदार पेशाब, खासकर डायबिटीज या हाई BP वाले व्यक्ति में, पेशाब में प्रोटीन/एल्ब्यूमिन की जांच कराने का कारण जरूर हो सकता है।

डायबिटीज से जुड़ी किडनी बीमारी शुरुआती चरणों में अक्सर बिना स्पष्ट लक्षण के रह सकती है। इसलिए नियमित UACR और eGFR जांच, ब्लड शुगर और BP का नियंत्रण तथा डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार किडनी की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। पेशाब में झाग दिखने मात्र से किडनी की बीमारी का निदान नहीं किया जा सकता। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और आवश्यक urine/blood tests जरूरी हैं। यदि आपको डायबिटीज, हाई BP, सूजन, पेशाब में खून या किडनी से संबंधित कोई समस्या है, तो योग्य चिकित्सक/नेफ्रोलॉजिस्ट से परामर्श लें। अपनी दवाएं स्वयं शुरू, बंद या बदलें नहीं।

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